सांसद पप्पू यादव ने PM Modi को लिखा लेटर, पूर्णिया एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले कर दी ये बड़ी डिमांड

Purnia Airport: पूर्णिया हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले कांग्रेस सांसद पप्पू यादव ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि इसे स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के नाम पर रखा जाए. उनका कहना है कि यह नामकरण क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

Purnia Airport: 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर आएंगे और पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर लगभग 45,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की शुरुआत भी होगी. बिहार का यह चौथा एयरपोर्ट और सबसे बड़ा रनवे वाला हवाई अड्डा बनने जा रहा है.

लेकिन उद्घाटन से पहले ही पूर्णिया सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हवाई अड्डे का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री स्व. भोला पासवान शास्त्री के नाम पर करने की मांग की है. पत्र की प्रतिलिपि नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को भी भेजी गई है.

कई महान विभूतियां दी हैं सीमांचल की धरती

पप्पू यादव ने पत्र में लिखा है कि पूर्णिया और सीमांचल की धरती ने देश को कई महान विभूतियां दी हैं, जिन्होंने राजनीति, समाज, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया. हवाई अड्डा सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है.

उन्होंने विशेष रूप से भोला पासवान शास्त्री का उल्लेख किया. सांसद ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक रहा. 1914 में बायसी प्रखंड में जन्मे शास्त्री जी ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया. मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वंचितों की आवाज़ को सत्ता तक पहुंचाया, उन्हें “गरीबों का मसीहा” बनाया.

क्षेत्र की अन्य विभूतियों को भी किया याद

पत्र में पप्पू यादव ने बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी नारायण सुधांशु, साहित्यकार माता रेणु और संतमत के प्रवर्तक महर्षि मेंही को भी याद किया. सुधांशु जी ने लोकतंत्र और संसदीय परंपरा को नई दिशा दी. माता रेणु ने सीमांचल की संस्कृति और लोकजीवन को साहित्यिक मंच पर प्रतिष्ठित किया. महर्षि मेंही समाज में शांति, सद्भाव और मानव एकता के प्रतीक रहे.

सांसद पप्पू यादव का मानना है कि यदि हवाई अड्डे का नाम इनमें से किसी एक विभूति के नाम पर रखा गया, तो यह न केवल स्थानीय जनता की भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बिहार और सीमांचल की विरासत को गौरवान्वित करेगा.

उद्घाटन के मौके पर चर्चा का केंद्र

भले ही पीएम मोदी पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन करने जा रहे हैं, लेकिन नामकरण का प्रस्ताव पहले ही चर्चा में आ गया है. यह मामला राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पप्पू यादव की पहल से क्षेत्र की पहचान और इतिहास पर नए बहस के दरवाजे खुले हैं.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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