पटना विश्वविद्यालय में नैक से बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए बुधवार को जय प्रकाश नारायण अनुषद भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का विषय ””मानदंड-आधारित नैक क्षमता निर्माण व दस्तावेजीकरण सुदृढ़ीकरण”” था. इसमें विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों की आइक्यूएसी समितियों के सदस्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो नमिता सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन संस्थानों की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. इसके लिए सभी महाविद्यालयों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा. मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो एनके अग्रवाल ने नैक के सातों मानदंडों की जानकारी दी और कहा कि यह संस्थागत गुणवत्ता संवर्धन के लिए अनिवार्य है. तकनीकी सत्र में मो साकिब असलम ने नैक के मानदंडों के आधार पर दस्तावेजीकरण व गुणवत्ता सुधार की जानकारी विस्तारपूर्वक दी. इसके बाद पटना वीमेंस कॉलेज के आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी व डॉ आलोक जान ने अपने अनुभव को साझा किया और नैक तैयारी की रणनीति पर चर्चा की. कार्यक्रम में पटना विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी निदेशक प्रो बीरेंद्र प्रसाद ने विश्वविद्यालय की अब तक की प्रगति व भविष्य की कार्ययोजना को प्रस्तुत किया. धन्यवाद ज्ञापन आइटी प्रभारी डॉ अशोक कुमार झा ने किया. मौके पर विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ वीरेंद्र कुमार सहित विभागाध्यक्ष, प्राचार्य और पदाधिकारी मौजूद रहे.