पीयू : विद्यार्थियों को कैड और कंप्यूटेशनल बायोलॉजी की बारीकियों से कराया गया अवगत

पटना विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र के सहयोग से कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया

संवाददाता, पटना

पटना विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र के सहयोग से कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में आइआइएसइआर कोलकाता की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ आयती मल्लिक गुप्ता मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मौजूद रहीं. इसका उद्देश्य सैद्धांतिक दृष्टिकोण के साथ ही उन्नत कंप्यूटेशनल ड्रग डिजाइन तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान करना है. डॉ आयत मल्लिक ने कहा कि कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन कंप्यूटेशनल जीव विज्ञान के क्षेत्र में एक शक्तिशाली तकनीक है. उन्होंने प्रतिभागियों को इस तकनीक के विभिन्न पहलुओं को सीखने पर ध्यान केंद्रित करने और समाज के लाभ के लिए नये समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया. उद्घाटन सत्र की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो परिमल कुमार खान ने किया. वहीं विभाग के शिक्षक डॉ गजेंद्र आजाद ने प्रतिभागियों को कहा कि कार्यशाला के दौरान स्क्रोडिन्जर टीम के क्वालिफाइड विशेषज्ञ प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के साथ कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन के तरीकों को साझा करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMBER MD

AMBER MD is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >