TPS कॉलेज प्रोफेसर हत्याकांड: भाभी के प्यार में की थी भाई की हत्या, सहोदर भाई समेत छह दोषियों को उम्रकैद; 6 साल बाद आया फैसला

टीपीएस कॉलेज के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर शिवनारायण राम की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है. पारिवारिक कलह के चलते अपने ही भाई ने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था. अदालत ने सहोदर भाई वीरेंद्र कुमार सहित छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

Brother Murder: पटना में टीपीएस कॉलेज के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर शिवनारायण राम की हत्या के मामले में अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-24 राजीव रंजन सहाय की अदालत ने मामले में सहोदर भाई वीरेंद्र कुमार मर्चेंट नेवी समेत छह अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी है. अदालत ने पांच दोषियों पर 10-10 हजार रुपये और एक दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

29 जनवरी 2020 को हुई थी प्रोफेसर की हत्या

मामला 29 जनवरी 2020 का है. चांदमारी रोड इलाके में शिवनारायण राम की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्या के पीछे आपसी संबंधों से जुड़े विवाद को अहम वजह माना.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिवनारायण राम के सहोदर भाई वीरेंद्र कुमार का अपनी भाभी से प्रेम संबंध था. इसी वजह से दोनों भाइयों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी. आरोप था कि इसी विवाद के चलते वीरेंद्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर शिवनारायण की हत्या की साजिश रची.

भाई पर साजिश रचने का आरोप

अभियोजन के अनुसार, वीरेंद्र कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की थी. इसके बाद 29 जनवरी 2020 को चांदमारी रोड में शिवनारायण राम को गोली मार दी गयी. गोली लगने के बाद उनकी मौत हो गई .

घटना की जांच के बाद पुलिस ने मामले में शामिल आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत तक पहुंचा. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किये गये साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने छह अभियुक्तों को दोषी माना.

छह दोषियों को उम्रकैद की सजा

मामले में फैसला सुनाते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-24 राजीव रंजन सहाय ने छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. इनमें मृतक के सहोदर भाई वीरेंद्र कुमार भी शामिल हैं. अदालत ने पांच अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये तथा एक अभियुक्त पर 15 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है.

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी. इस फैसले के बाद करीब छह साल पुराने इस हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का अहम चरण पूरा हो गया है.

छह साल बाद आया फैसला

शिवनारायण राम की हत्या के बाद से ही यह मामला चर्चा में रहा था. एक प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या और उसके पीछे सामने आया पारिवारिक विवाद मामले को और गंभीर बनाता है. पुलिस जांच और अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद अब छह आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है.

अदालत के इस फैसले से मामले में दोष साबित होने के बाद सजा का रास्ता साफ हो गया है. साथ ही आर्थिक दंड नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त छह महीने की सजा का प्रावधान भी किया गया है. इस तरह 29 जनवरी 2020 को हुई शिवनारायण राम की हत्या के मामले में अदालत ने छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर अपना फैसला दर्ज किया है.

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By नितीश कुमार

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