Prashant Kishor: (बिहटा से मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अब बिहटा को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र बना लिया है. पटना स्थित आवास छोड़ने के बाद उन्होंने बिहटा प्रखंड के अमहरा गांव स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहना शुरू कर दिया है. पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, अगले पांच सालों तक वह यहीं रहकर संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की रणनीति पर काम करेंगे.
15 बीघा में तैयार हो रहा है आश्रम
जन सुराज के कार्यकर्ताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद संगठन को नए स्वरूप में तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है. इसी को लेकर प्रशांत किशोर ने आश्रम में रहकर सीधे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच समय देने का निर्णय लिया है. अमहरा गांव में करीब 15 बीघा क्षेत्र में बिहार नवनिर्माण आश्रम तैयार किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, पहले यह परिसर एक बगीचे के रूप में था, जिसे अब आश्रम का स्वरूप दिया गया है. यहां 50 से अधिक टेंट लगाए जा रहे हैं. साथ ही कार्यकर्ताओं के ठहरने, बैठक और जनसभा के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. आने वाले दिनों में यहीं से जन सुराज की राजनीतिक गतिविधियां संचालित होंगी.
पार्टी की गतिविधियों का केंद्र बनेगा आश्रम
जन सुराज के एक कार्यकर्ता निर्मल मिश्रा ने बताया कि प्रशांत किशोर का उद्देश्य जमीन पर रहकर संगठन को मजबूत करना है. वह चाहते हैं कि कार्यकर्ता सीधे जनता के बीच जाकर काम करें. बिहटा का यह आश्रम अब पार्टी की गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनेगा. उनके सहयोगियों ने बताया कि आश्रम का निर्माण कार्य अभी जारी है. निर्माण पूरा होने के बाद ही वह मीडिया से औपचारिक बातचीत करेंगे.
दरभंगा में प्रशांत किशोर ने किया था ऐलान
गुरुवार को दरभंगा में एक कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था, बिहार में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव की जरूरत है और इसके लिए लगातार संघर्ष किया जाएगा. उन्होंने ऐलान किया था कि अब वे अपना घर छोड़कर पटना के बिहटा स्थित जन सुराज नव निर्माण आश्रम में रहेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार में वास्तविक बदलाव होने तक वे वहीं रहकर जन सुराज के सभी कार्यक्रमों का संचालन करेंगे.
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