कुलपति ऐसा काम करें कि उन्हें निर्देश नहीं देना पड़े : राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा-संवेदना के आधार पर कर्मियों की समस्याओं को सरकार को दूर करना चाहिए

-बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के 28वें महाधिवेशन में बोले राज्यपाल

– वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों की काफी शिकायतें आती हैं

– राज्यपाल ने कहा-संवेदना के आधार पर कर्मियों की समस्याओं को सरकार को दूर करना चाहिए

– बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के 28वें अधिवेशन में कुलाधिपति ने कहीं ये बातें

– शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार हर समस्याओं को दूर कर रही है

संवाददाता, पटना

बिहार के विश्वविद्यालय ऐसे आदर्श संस्थान बनें, जिन्हें किसी सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता ही न रहे. अगर हम थोड़े से सख्त हुए, तो कुलपतियों को परेशानी होगी. स्थिति बहुत अलग हो जायेगी. इस कारण अभी समय है. विश्वविद्यालयों में कुलपतियों को आदर्श स्थिति स्थापित करनी होगी. इसके लिए काफी काम करना होगा. कुलपतियों को ऐसा काम करना चाहिए कि उन्हें निर्देश की जरूरत नहीं पड़े. वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों में आदर्श स्थिति नहीं है. सभी विश्वविद्यालयों के खिलाफ खूब शिकायतें सुनने को मिलती हैं. सरकार के साथ समन्वय बनाकर कुलपतियों को कार्य करना चाहिए. ये बातें गुरुवार को श्रीअरविंद महिला कॉलेज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के 28वें महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र में कहीं. उन्होंने कहा कि हमारी समस्याएं इसीलिए उत्पन्न होती हैं, क्योंकि हमने दो शब्द भुला दिये हैं, वे हैं संवेदना और मर्यादा. हमें विविधता का सम्मान करना चाहिए और इसके पीछे की एकात्मता को पहचानना चाहिए. भारत की संस्कृति मूलतः ज्ञान की संस्कृति है, जिसमें महत्वाकांक्षा को मर्यादा से बांधा गया है.

राजभवन में ही कुलपतियों के साथ आमने-सामने कराएं बैठक

विधान पार्षद सह संरक्षक प्रो संजय कुमार सिंह ने राज्यपाल से आग्रह किया कि शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर राजभवन में ही कुलपतियों के साथ आमने-सामने बैठक कराएं. इससे समस्याएं जल्द सुलझ जायेंगी. इससे पठन-पाठन का माहौल भी बेहतर होगा. विधान पार्षद प्रो संजीव कुमार सिंह ने राज्यपाल से आग्रह किया कि जिस तरह से विश्वविद्यालय के लिए एकेडमिक कैलेंडर बनते है, उसी तरह शिक्षक व कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए पदोन्नति कैलेंडर बनाये जाएं. इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, विधान पार्षद डॉ संजय कुमार सिंह, प्रो संजीव कुमार सिंह, पीपीयू प्रति कुलपति प्रो गणेश महतो, महासंघ के अध्यक्ष गंगा प्रसाद झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन व महर्षि अरविंद घोष की प्रतिमा और डॉ एके सेन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया. इस अवसर पर महासंघ की स्मारिका व श्री अरविंद महिला कॉलेज न्यूज बुलेटिन का विमोचन किया गया, इसका संपादन प्रो शिव नारायण सिंह, संयुक्त संपादन गोपाल कुमार एवं डॉ प्रिया कुमारी ने किया. कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो शिव नारायण सिंह ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महासचिव ब्रजकिशोर सिंह ने किया.

भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टाॅलरेंस नीति’

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के शैक्षिक व सामाजिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने महिला साक्षरता में बढ़ोत्तरी, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टाॅलरेंस नीति’ तथा पेंशन-वेतन में देरी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि आप दो कदम चलिए, सरकार चार कदम साथ चलेगी. उन्होंने शिक्षकों से कॉलेजों में छात्रों को वैल्यूऐडेड शिक्षा देने की बात कही. प्राचार्या प्रो साधना ठाकुर ने कहा कि यह मंच उन कर्मयोगियों को समर्पित है, जो दिखते नहीं, पर होते हैं.

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पीपीयू को एक सप्ताह में मिल जायेगा कुलपति

राज्यपाल ने मीडिया से पीपीयू में स्थायी कुलपति नहीं रखने के सवाल पर बात करते हुए कहा कि कुलपति नियुक्ति को लेकर आवश्यक प्रक्रिया कर ली गयी है. एक सप्ताह में पीपीयू को स्थायी कुलपति मिल जायेगा.

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Published by: Anurag pradhan

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