पीएमसीएच में डॉक्टर से मारपीट में एक का सिर फटा, विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल; 65 ऑपरेशन टले -750 मरीज लौटे

पीएमसीएच में मारपीट की घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर हड़ताल कर दी. इससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं, 65 ऑपरेशन टले और सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौट गए. जानिए क्या है पूरा मामला.

Patna PMCH Hangama : पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को गुरुवार को परेशानियों का सामना करना पड़ा. कारण यह है कि अस्पताल के जूनियर डॉक्टर व एक बुजुर्ग मरीज के परिजनों के एक साथ मारपीट के बाद सभी जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गये. जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से पीएमसीएच अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई. इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड सभी में काम ठक कर दिया. डॉक्टरों के बिना अस्पताल में भर्ती मरीजों को संभालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

हालत यह हो गई कि इमरजेंसी व वार्ड में भर्ती मरीजों को सुबह 09 बजे के बाद न तो बेहतर इलाज मिला और नहीं सर्जरी हुई. इस बीच इलाज में अभाव में कुछ गंभीर मरीज इमरजेंसी वार्ड से चले गये. इतना ही नहीं करीब 65 मरीजों की सर्जरी नहीं हो पाई. जबकि रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद होने से 750 मरीज बिना इलाज के लौट गये. हालांकि अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह व सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक व मारपीट करने वाले एक आरोपित की गिरफ्तारी के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल तोड़ दिया.

क्या है मामला

पटना के मीठापुर निवासी 75 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज को हार्ट अटैक आने के बाद परिजन देर रात पीएमसीएच लेकर गये थे. जहां मेडिसिन वार्ड में ट्रांसफर किया गया. परिजनों की माने तो उनके मरीज घंटों एंबुलेंस में पड़े रहे लेकिन मेडिसिन विभाग का कोई भी डॉक्टर देखने तक नहीं आया. इससे परिजन आक्रोशित हो गये और हंगामा करने लगे. मामला इतना अधिक बढ़ गया कि मौके पर मौजूद इंटर्न छात्र डॉ सुशांत कुमार के साथ मारपीट हो गई. जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि परिजन आसपास के लोकल लड़कों के साथ रॉड व हॉकी लेकर पहुंचे थे. जिससे डॉ सुशांत पर हमला कर दिये. इससे उनका सिर फट गया और हाथ में चोट आई हैं. फिलहाल उन्हें सर्जिकल इमरजेंसी आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. ओटी ठप, नर्स कर रहे थे जूनियर डॉक्टरों का काम.

हड़ताल की वजह से हुई परशानी

हड़ताल की वजह से अस्पताल के इमरजेंसी, ओपीडी व आईसीयू सहित ज्यादातर वॉर्डो में भर्ती मरीजों की हालत खराब होने लगी. यहां तक कि ऑपरेशन थियेटर में ओटी में जूनियर डॉक्टरों के न होने के चलते गंभीर मरीजों की सर्जरी नहीं हो पाई. गुरुवार को कुल 112 मरीजों की सर्जरी होनी थी. इसमें जूनियर डॉक्टरों के अभाव में लगभग 65 बड़ी सर्जरी टाल दी गई. जबकि 47 गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया गया. वहीं जिन मरीजों की सर्जरी नहीं हुई उनके परिजन काफी परेशान हुए और वह यूनिट इंचार्ज के पास जाकर गुहार लगाते रहे. इतना ही नहीं अस्पताल में मेल ब्वॉय व फिमेल नर्स जूनियर का काम कर रहीं थी. सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी, शिशु, आईसीयू और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती मरीजों को हुई.

सीनियर डॉक्टर्स खुद मरीजों की इंजेक्शन व दवा लेकर पहुंचे

आईसीयू व इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की गंभीर हालत को देख सीनियर डॉक्टर्स खुद मरीजों को दवा के साथ इंजेक्शन लगाने पहुंचे. डॉक्टर्स नर्स व वॉर्डब्वॉय की मदद से मरीजों को दवाएं व इंजेक्शन लगवाते देखे गये. डॉक्टरों की हड़ताल से गर्भवती महिलाओं का सीजर ऑपरेशन नहीं हुआ. इसके अलावा हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों को भी परेशानी हुई. गंभीर मरीजों का इलाज न होने के चलते नाराज परिजनों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया. जिसके बाद सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह से मामले को शांत कराया.

अधीक्षक के बंद कमरे में चली दो घंटे बैठक, फिट टूट गई हड़ताल पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सुबह नौ से 11:30 बजे तक डॉक्टर हड़ताल पर थे. लेकिन ढ़ाई घंटे से कम समय में ही हड़ताल को खत्म करवा दिया गया. जूनियर डॉक्टर्स व पुलिस प्रशासन के साथ करीब दो घंटे तक बैठक कर उनकी मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया गया. यहां तक कि मारपीट करने वाले को चिह्नित कर गिरफ्तारी भी हो गई है. इसके के बाद सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर दिये और 11 बजे के बाद अपने-अपने कार्य पर लौट गये.

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का बयान

इंटर्न कर रहे डॉ सुशांत का गुरुवार को परीक्षा थी, लेकिन मारपीट के चलते उसने अपना एग्जाम नहीं दे पाया. उसके सिर में गंभीर चोट आई हैं. फिलहाल अधीक्षक व पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन के बाद हम लोग हड़ताल खत्म कर दिये हैं. लेकिन चेतावनी दिये हैं कि मारपीट के बाद तुरंत पुलिस आरोपितों पर एफआईआर दर्ज करें और गिरफ्तारी हो. डॉ सत्यम कुमार, जेडीए अध्यक्ष पीएमसीएच.

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By आनंद तिवारी

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