इस मॉनसून भी अधूरा रह जायेगा शहर के सात बड़े नालों का निर्माण

पटना : शहर के सात बड़े नालों को पक्का करने या नालों पर सड़क बनाने की योजना डीपीआर से बाहर नहीं निकल पा रही है. कभी बुडको तो कभी पथ निर्माण विभाग के बीच झूलता डीपीआर बीते पांच वर्षों से फाइनल नहीं हो सका है. बीते वर्ष शहर में जल-जमाव के बाद इस बात की […]

पटना : शहर के सात बड़े नालों को पक्का करने या नालों पर सड़क बनाने की योजना डीपीआर से बाहर नहीं निकल पा रही है. कभी बुडको तो कभी पथ निर्माण विभाग के बीच झूलता डीपीआर बीते पांच वर्षों से फाइनल नहीं हो सका है. बीते वर्ष शहर में जल-जमाव के बाद इस बात की आस जगी थी कि अगले मानसून से पहले इन नालों का निर्माण पूरा कर लिया जायेगा, लेकिन नगर विकास व आवास विभाग, नगर निगम व बुडको की तैयार देख कर ऐसा नहीं लगता है कि इस बार भी कुर्जी नाला, आनंदपुरी नाला, सर्पेंटाइन नाला, बाकरगंज नाला, सैदपुर नाला, बाइपास में मीठापुर से नंदलाल छपरा और बेऊर से मीठापुर तक के नालों का निर्माण पूरा किया जा सके.

वहीं, निविदा व फंड होने के बाद भी मंदिरी नाला का काम अधूरा पड़ा है.अब 20 दिन का समय नगर विकास व आवास विभाग ने बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड को बीत दिनों का समय दिया है. आगामी मॉनसून से पहले विभाग ने बुडको को 20 दिनों का समय देते हुए कहा है कि इन नालों के सतह को पक्का किया जाये. तल के आरसीसी निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर देने के लिए कहा गया है. इसके बाद विभाग एक माह के भीतर नालों के निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर इसकी संभावना नहीं के बराबर है. गौरतलब है कि जलजमाव के कारणों की जांच करने वाली उच्च स्तरीय टीम ने भी मॉनसून से पहले नाला निर्माण के सुझाव दिये थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >