Patna Water Metro Project: पटना के लोगों को आने वाले समय में एक नई और खास ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलने वाली है. गंगा नदी में वाटर मेट्रो चलाने की तैयारी तेजी से की जा रही है. इसके लिए घाटों पर जरूरी ढांचा तैयार किया जा रहा है, ताकि बोट को चार्ज करने और चलाने में कोई दिक्कत न हो.
सबसे पहले पटना के गांधी घाट पर वाटर मेट्रो के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. इसके बाद कंगन घाट और दीघा घाट पर भी ऐसे चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. इन चार्जिंग प्वाइंट की मदद से वाटर मेट्रो के इंजन को जरूरत पड़ने पर चार्ज किया जा सकेगा.
रूट के बारे में जानिए
पटना वाटर मेट्रो का पहला रूट करीब 10.5 किलोमीटर लंबा होगा. यह सेवा कंगन घाट से शुरू होकर गायघाट, गांधी घाट और दीघा घाट होते हुए आगे कई घाटों तक जाएगी. इस रूट में फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, काली घाट और छेछर घाट जैसे स्थान भी शामिल होंगे. इससे पटना के साथ-साथ आसपास के इलाकों के लोगों को भी फायदा मिलेगा.
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अनुसार भविष्य में इस परियोजना को और बड़ा किया जाएगा. योजना है कि आगे चलकर 10 टर्मिनल और चार अलग-अलग रूट तैयार किए जाएं. इससे पटना के साथ वैशाली और छपरा जैसे जिलों से भी बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा.
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इस प्रोजेक्ट के बारे में जानिये
वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जाएगा उसका नाम एमवी-गोमधर कुंवर रखा गया है. इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. पूरे वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट पर करीब 908 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह प्रोजेक्ट इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार मिलकर चला रहे हैं. तकनीकी सहयोग कोचीन शिपयार्ड के इंजीनियर दे रहे हैं.
पर्यटकों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन बोटों को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है. ये बोट इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोड पर चलेंगी. हर बोट में एसी, बड़ी कांच की खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमेटिक लोकेशन सिस्टम लगाया जाएगा. एमरजेंसी सिचुएशन के लिए रेस्क्यू बोट भी तैनात रहेंगी.
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