Patna News: नगर निकाय कर्मियों की मांगों को लेकर मंगलवार को नगर विकास एवं आवास मंत्री के साथ हुई वार्ता विफल हो गई. इसके बाद बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त मोर्चा ने 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. मोर्चा का कहना है कि मांगों को लेकर डेढ़ माह पहले ही हड़ताल की सूचना दी गई थी, लेकिन विभाग और सरकार की ओर से इस पर गंभीरता से पहल नहीं की गई.
नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन
नगर निकाय कर्मी लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त कर आउटसोर्स कर्मियों का निकाय कर्मी के रूप में समायोजन और एसीपी एवं एमएसीपी पर लगाई गई रोक को वापस लेना शामिल है. मोर्चा के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने कहा कि मांगों की पूर्ति नहीं होने के कारण कर्मियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
विभागीय स्तर पर वार्ता भी रही बेनतीजा
जितेंद्र कुमार ने बताया कि नगर विकास विभाग के सचिव की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन इसमें कोई सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ भी वार्ता हुई, लेकिन मांगों को लेकर सरकार और मोर्चा के बीच सहमति नहीं बन पाई.
30 जुलाई से काम ठप करने का निर्णय
वार्ता विफल होने के बाद बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त मोर्चा और स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है. मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
वार्ता में शामिल रहे कई कर्मचारी नेता
मंगलवार को हुई वार्ता में मोर्चा के नेताओं में जितेंद्र कुमार, असजद आलम अप्पु, चंद्रशेखर सिंह, मंगल पासवान, रामयत्न प्रसाद, नीरज वर्मा, शिववचन शर्मा, अशोक प्रसाद सिंह सहित अन्य नेता शामिल थे.
