Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)
बिहार में कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब बड़ा स्वास्थ्य सुधार कदम उठाया जा रहा है. नेशनल हेल्थ मिशन की तर्ज पर पटना समेत पूरे राज्य में स्टेट कैंसर मिशन बनाने की कवायद शुरू हो गई है. इस मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्क्रीनिंग, जांच और इलाज की सुविधाएं मजबूत की जाएंगी ताकि बीमारी की शुरुआती पहचान संभव हो सके.
ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगा कैंसर स्क्रीनिंग नेटवर्क
नई योजना के तहत कैंसर की स्क्रीनिंग और जांच को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि बीमारी को शुरुआती चरण में ही पकड़कर मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा सके और मृत्यु दर को कम किया जा सके.
जिला और ब्लॉक अस्पतालों में बढ़ेंगी सुविधाएं
मिशन के तहत जिला और ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में संसाधनों को मजबूत किया जाएगा. यहां कैंसर की जांच और इलाज से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि मरीजों को बड़े अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े.
20 सदस्यीय कमेटी ने शुरू किया काम, तैयार हो रहा प्लान
सूत्रों के अनुसार इस पूरी योजना के लिए करीब 20 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. हाल ही में एक बैठक भी आयोजित की गई है और अगले सप्ताह होने वाली बैठक में कमेटी के सदस्य विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करेंगे.
कैंसर मरीज गंभीर हालत में पहुंच रहे अस्पताल
सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल के अनुसार बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल तब पहुंच रहे हैं जब बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है. लगभग 60 प्रतिशत मरीज तीसरी और 70 प्रतिशत मरीज चौथी स्टेज में सामने आ रहे हैं, जिससे इलाज चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
जिला अस्पतालों में डे-केयर सुविधा का विस्तार
मरीजों के बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी के लिए डे-केयर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं. इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा और उन्हें बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
CHC और PHC स्तर पर होगी मजबूत स्क्रीनिंग व्यवस्था
मिशन के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी कैंसर स्क्रीनिंग में शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य बीमारी की पहचान को शुरुआती स्तर पर सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है.
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