पटना के राजीव नगर हत्याकांड में कार्रवाई, प्रेमिका का भाई गिरफ्तार, अस्पताल में चल रहा इलाज

Patna Crime: पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़े चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रेमिका के भाई राजू कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिसका इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है. इस गिरफ्तारी से मामले की परतें खुलने की उम्मीद है.

पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट

Patna Crime: पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़े चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रेमिका के भाई राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. गोली लगने से घायल होने के कारण उसका इलाज फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर हर पहलू की गहन जांच की जा रही है.

7 जुलाई की घटना के बाद हुई गिरफ्तारी

गौरतलब है कि 7 जुलाई को राजीव नगर में हुई घटना में प्रेमी प्रियेश रंजन की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी, जबकि प्रेमिका का भाई राजू कुमार गोली लगने से घायल हो गया था. घटना के अगले दिन मृतक के पिता शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा ने राजू कुमार के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.

राजू कुमार की एफआईआर में क्या लगाए गए आरोप

दूसरी ओर राजू कुमार के आवेदन पर भी राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रियेश रंजन ने गोली चलाने के बाद भागने की कोशिश की और इसी दौरान छत से गिरने से उसकी मौत हो गई. एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि प्रियेश उसकी बहन पर जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था. आरोप है कि युवती की हाल ही में परिवहन विभाग में सरकारी नौकरी लगने के बाद दोनों के संबंधों में दूरी आ गई थी, जिससे वह नाराज था.

राजीव नगर में किराये के मकान में रहते थे दोनों

पुलिस जांच में सामने आया है कि मसौढ़ी निवासी राजू कुमार अपनी दो बहनों के साथ पिछले करीब 10 वर्षों से राजीव नगर में किराये के मकान में रह रहा था. इसी दौरान मोतिहारी निवासी प्रियेश रंजन और राजू की बहन प्रीति के बीच प्रेम संबंध बने. बाद में दोनों बहनों की परिवहन विभाग में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) के पद पर नियुक्ति होने के बाद दोनों के बीच बातचीत कम होती गई और रिश्तों में खटास आ गई. पुलिस के अनुसार प्रियेश भी प्रेम संबंध के कारण राजीव नगर में किराये का कमरा लेकर रहने लगा था. दोनों परिवारों के बीच पहले से आना-जाना भी था.

हथियार सप्लाई करने वालों की भी हो रही तलाश

पुलिस प्रियेश रंजन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था. साथ ही अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले गिरोहों की भी पड़ताल की जा रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्रियेश ने पहले से हथियार की व्यवस्था की थी. अब पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान छत पर वास्तव में क्या हुआ. प्रियेश स्वयं छत से गिरा या उसे धक्का दिया गया. हत्या और क्रॉस एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस सभी साक्ष्यों को जोड़कर मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है.

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Published by: Karunatiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है.

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