Patna Police Attack News (अजीत कुमार): पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज क्राइम ब्रेकिंग सामने आ रही है. शनिवार की देर रात सतौली गांव में एक गैर-जमानती वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम को भारी हंगामे और विरोध का सामना करना पड़ा. इस अफरा-तफरी के बीच एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है. वहीं, पुलिस ने जब गिरफ्तार वारंटी के घर की तलाशी ली, तो वहां से 7.62 MM के आठ जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
आधी रात को पुलिस की दबिश, केबिन और कमरों की तलाशी में मिले कारतूस
गौरीचक थाना पुलिस को इनपुट मिला था कि गैर-जमानती वारंटी जितेंद्र राय अपने गांव सतौली आया हुआ है. पुलिस टीम ने शनिवार की देर रात पूरी मुस्तैदी के साथ गांव में घेराबंदी कर आरोपी जितेंद्र राय को अपने शिकंजे में ले लिया. गिरफ्तारी के ठीक बाद जब पुलिस ने जितेंद्र के घर की सघन तलाशी ली, तो वहां से प्रतिबंधित बोर (7.62 MM) के 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इतने घातक कारतूस किस बड़े हथियार के लिए छुपाकर रखे गए थे और इसका मुख्य सप्लायर कौन है, इसकी जांच के लिए एक अलग से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
ASI के पैर में लगी चोट, बिना इजाजत जख्म का वीडियो वायरल करने पर नपेगा अफसर
हिरासत में लिए जाने के दौरान अचानक वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसमें गौरीचक थाने में तैनात एएसआई (ASI) ऋतिक रणवीर कुमार के पैर में पत्थर लग गया और वे बुरी तरह चोटिल हो गए. उन्हें तुरंत संपतचक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया.
इस बीच, घायल एएसआई ऋतिक रणवीर ने सीनियर अधिकारियों की अनुमति के बगैर अपने जख्म का एक वीडियो और फोटो कुछ स्थानीय ग्रुप्स में साझा कर दिया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सरकारी नियमों और मर्यादा का उल्लंघन कर बिना अनुमति वीडियो वायरल करने के आरोप में घायल एएसआई ऋतिक रणवीर के खिलाफ भी जांच के बाद सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने दी सफाई “भ्रामक खबरों से बचें, बच्चे ने फेंका था पत्थर”
इस पूरे मामले और पुलिस टीम पर जानलेवा हमले की अफवाहों पर गौरीचक थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने खुद सामने आकर पूरी सच्चाई बताई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस टीम पर किसी भी तरह का कोई संगठित या जानलेवा हमला नहीं हुआ था. सोशल मीडिया पर चल रही कई खबरें पूरी तरह भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं.
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब पुलिस वारंटी को ले जा रही थी, तब घर के ही एक लगभग 10 वर्षीय बच्चे ने नासमझी में एक पत्थर फेंक दिया था, जो दुर्भाग्य से एएसआई ऋतिक रणवीर के पैर में जा लगा और उन्हें चोट आ गई. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी जितेंद्र राय को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और कारतूस बरामदगी के मामले में भी पुलिस बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है. फिलहाल पूरे गांव में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है.
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