Tax Return Filing अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए ITR भरना हुआ आसान, जानिए कौन-सा फॉर्म चुनें और कब मिलेगी छूट

Patna News: Tax Return Filing अब आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटर्न दाखिल करना आसान हो गया है.

Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए विभिन्न ITR फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा उपलब्ध करा दी है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनकी आय के अनुसार कौन-सा फॉर्म उपयुक्त रहेगा और किन परिस्थितियों में उन्हें रिटर्न दाखिल करने से छूट मिल सकती है.

आयु नहीं, आय का स्रोत तय करेगा ITR फॉर्म

वरीय चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश खेतान के अनुसार ITR फॉर्म का चयन उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि आय के स्रोतों के आधार पर किया जाता है. इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले अपनी आय की प्रकृति को समझना बेहद जरूरी है.

किन लोगों के लिए है ITR-1 (सहज)?

जिन वरिष्ठ नागरिकों की आय पेंशन, बैंक ब्याज और अधिकतम दो आवासीय संपत्तियों से होती है तथा उनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है, वे ITR-1 (सहज) फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं. यह सबसे सरल और आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला फॉर्म माना जाता है.

कब भरना होगा ITR-2 और ITR-3?

यदि किसी करदाता को कैपिटल गेन्स प्राप्त हुआ है या दो से अधिक मकानों से आय हो रही है, तो उसके लिए ITR-2 उपयुक्त रहेगा. वहीं व्यवसाय या पेशे से आय अर्जित करने वाले लोगों को ITR-3 दाखिल करना होगा.

अनुमानित कराधान वालों के लिए ITR-4

जो करदाता अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) के अंतर्गत आते हैं, वे ITR-4 (सुगम) का उपयोग कर सकते हैं. यह फॉर्म छोटे व्यवसायियों और पेशेवरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है.

75 वर्ष से अधिक आयु वालों को मिल सकती है बड़ी राहत

विशेष परिस्थितियों में 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के कुछ सुपर सीनियर नागरिकों को आयकर रिटर्न दाखिल करने से छूट भी मिल सकती है. इसके लिए उन्हें निर्धारित घोषणा-पत्र संबंधित बैंक में जमा करना होगा और उनकी आय केवल उसी बैंक से मिलने वाली पेंशन एवं ब्याज तक सीमित होनी चाहिए.

पुरानी और नई कर व्यवस्था में क्या है अंतर?

कर विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी कर व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों को अधिक राहत मिलती है. इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों के लिए कर-मुक्त आय सीमा तीन लाख रुपये तथा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर नागरिकों के लिए पांच लाख रुपये निर्धारित है. वहीं नई कर व्यवस्था में सभी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए मूल छूट सीमा चार लाख रुपये है.

रिटर्न भरने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को रिटर्न दाखिल करने से पहले अपने सभी आय स्रोतों का सही आकलन करना चाहिए. सही ITR फॉर्म का चयन करने से रिटर्न प्रोसेसिंग में आसानी होती है और कर संबंधी उपलब्ध लाभों का पूरा फायदा भी मिल सकता है.

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