Patna News: (सुबोध नंदन)पटना में अग्रसेन भवन स्थित दादी मंदिर, बैंक रोड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आध्यात्मिक माहौल चरम पर रहा. कथा के दौरान आचार्य डॉ. चंद्रभूषण मिश्र ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
वेदी पूजन के साथ हुआ कथा का पांचवां दिन शुरू
कार्यक्रम के पांचवें दिन प्रातःकाल विधिवत वेदी पूजन एवं अनुष्ठान संपन्न हुआ. यह पूजन वृंदावन से आए आचार्य राजेश पांडे के नेतृत्व में कराया गया, जिसमें मुख्य यजमान नंद किशोर अग्रवाल सहित 20 यजमानों ने भाग लिया.
भगवान की प्राप्ति के चार मार्ग बताए गए
कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के चार मार्ग हैं—नाम, रूप, लीला और धाम. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव समाज को भक्ति से जोड़ने का माध्यम हैं.
श्रीकृष्ण की बाल लीला को बताया सर्वश्रेष्ठ
आचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सर्वश्रेष्ठ हैं, जिनमें वे देश और जाति से परे सभी बच्चों को अपनी लीला में शामिल करते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान की दृष्टि में कोई भेदभाव नहीं होता.
मक्खन चोरी और पूतना वध का दिया आध्यात्मिक अर्थ
आचार्य चंद्रभूषण ने कहा कि श्रीकृष्ण की मक्खन चोरी लीला भक्त के हृदय को आकर्षित करने का प्रतीक है. उन्होंने पूतना और बकासुर वध की घटनाओं को भी आध्यात्मिक दृष्टिकोण से समझाते हुए समाज को संदेश दिया.
प्रेम और उद्धार का संदेश देती है श्रीकृष्ण लीला
आचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण का अवतार प्रेम और उदारता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भगवान हर व्यक्ति को सुधारने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, चाहे उसने कोई भी गलती क्यों न की हो.
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जयकारों से गूंजा पंडाल
कथा स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे समय “श्रीकृष्ण भगवान की जय” के जयकारे लगते रहे. पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सदस्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और कथा को सफल बनाया.
ALSO RAED: बिहार बीजेपी में बड़ा फेरबदल, 9 महिलाओं को मिली जगह, 7 मोर्चों के अध्यक्ष भी बदले…
