Patna News: (अनुपम कुमार) पटना जू के दर्शकों को जल्द एक सिंग वाले गैंडे के साथ दो सिंग वाला गैंडा भी देखने को मिलेगा. सिंगापुर से दो सिंगों वाले सफेद गैंडा (White Rhinoceros) का जोड़ा पटना जू (Patna Zoo) आयेगा. बदले में पटना जू से एक सिंग वाले गैंडे का एक जोड़ा सिंगापुर जायेगा. इसके लिए सिंगापुर जू से पटना जू और वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी बातचीत कर रहें हैं. जल्द ही सिंगापुर जू (Singapore Zoo)से गैंडों के अदला-बदली की इस योजना को पूरा किया जायेगा. दो सिंग वाले सफेद गैँडोंं के पटना जू आने से यहां गैंडों की प्रजाति की विविधता बढ़ जायेगी और दर्शकों को एक सिंग वाले देशी गैँडों के साथ दो सिंग वाले विदेशी गैंडे भी देखने को मिलेंगे.
10 गैंडों के साथ पटना जू दुनिया में दूसरे नंबर पर
गैंडों की संख्या की दृष्टि से पटना जू इस समय एशिया में पहले स्थान पर और दुनिया में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. पटना जू में इस समय 10 गैंडे हैं जिनमें छह मादा और चार नर गैँडा शामिल हैँ. सभी गैंडे व्यस्क हैं और सबसे छोटे गैंडे की उम्र पांच वर्ष है. पहले स्थान पर अमेरिका के कैलीफार्निया का सेंट डिएगो जू सफारी है. वहां 12 गैंडे हैं. वहां से दो मादा गैंडा लाली और उसकी मां गारी वर्ष 2006 में पटना जू को एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मिले थे, जिससे पटना जू को गैंडों की ब्लड लाइन दुरूस्त करने में मदद मिली.
पहले वियतनाम से आना था दो सिंग वाला सफेद गैंडा
पटना जू के सभी गैंडे एक सिंग वाले हैं. यहां गैंडों की प्रजाति में विविधता लाने और उनके ब्रीडिंग कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2019 में वियतनाम जू से गैंडा को लाने की योजना बनी थी. वहां से एक जोड़ा दो सिंग वाला सफेद गैँडा पटना जू आना था और यहां से एक सिंग वाला गैँडा वियतनाम जाना था. लेकिन इससे पहले कि हवाई मार्ग से गैंडा को पटना जू लाने और यहां के गैँडा को वियतनाम भेजने की व्यवस्था हो पाती, कोरोना महामारी हो गया.
कोरोना में वियतनाम सरकार ने लगाया था रोक
उसके दौरान वियतनाम के वन एवं पर्यावरण विभाग ने गैंडों को देशा से बाहर ले जाने पर रोक लगा दिया जिससे यह योजना पूरी नहीं हो सकी. कोरोना के बाद भी जानवरों को बाहर ले जाने पर लगा प्रतिबंध वियतनाम की सरकार ने खत्म नहीं किया. लिहाजा वहां से व्हाइट गैँडा को लाने की योजना को स्थगित करना पड़ा. अब इस स्थगित योजना को सिंगापुर से गैंडा लाकर पूरा करने का निर्णय हुआ है.
पानी के जहाज से आयेगा गैंडा
वियतनाम से गैंडा का आदान प्रदान हवाई मार्ग से ही संभव था क्योंकि वहां से भारत आने वाला सीघा जलमार्ग नहीं है. लेकिन सिंगापुर भारत से जलमार्ग कनेक्टिविटी से भी पूरी तरह जुड़ा हुआ है. लिहाजा वहां से समुंद्र मार्ग से ही कोलकाता बंदरगाह तक गैंडा को लाने और वहां से ट्रक पर लादकर सड़क मार्ग से पटना जू लाने की योजना बनाई जा रही है. हवाई मार्ग की बजाय समुंद्र मार्ग के विकल्प को इसलिए तव्ज्जो दी जा रही है क्योंकि इससे गैंडा को पटना जू लाने या यहां से गैंडा को सिंगापुर जू ले जाने का खर्च बहुत कम हो जायेगा.
डिएगो जू और लाली को पटना जू लाने में 75 लाख हुए थे
विदित हो कि सेन डिएगो जू से गारी और लाली को पटना जू लाने में 75 लाख रुपये खर्च हुए थे जो सेन डिएगो जू के द्वारा किये गये थे. ऐसे में सिंगापुर से कम दूरी के बावजूद 20 से 25 लाख रुपये तक विमान से लाने में खर्च होंगे जबकि समुर्दी मार्ग से 12 से 15 लाख में उसे पटना जू लाया या यहां से सिंगापुर जू भेजा जा सकता है. एनीमल एक्सचेंज के तहत पटना जू आने वाले गैंडो के परिवहन पर लगने वाला खर्च पटना जू उटायेगी जबकि पटना जू के एक सिंग वाले गैंडे को सिंगापुर जू ले जाने पर लगने वाला खर्च सिंगापुर जू उठायेगी.
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