पटना-गया पैसेंजर ट्रेन की सीट पर कपड़े में लिपटी मिली 10 दिन की नवजात बच्ची, यात्रियों ने बचाया

Patna News: पटना-गया रेलखंड पर रविवार की रात एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सवारी गाड़ी के डिब्बे में करीब 10 दिन की नवजात बच्ची लावारिस हालत में रोती हुई मिली. ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने सजगता दिखाते हुए बच्ची को सुरक्षित पुनपुन स्टेशन पर उतारा और पुनपुन थाना पुलिस को सौंप दिया.

Patna News: पटना-गया रेलखंड पर कलयुगी मां-बाप और मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद भावुक करने वाली घटना सामने आई है. रविवार की रात पटना से गया की ओर जा रही एक सवारी गाड़ी के डिब्बे में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में लाचार होकर रोती हुई पाई गई. बोगी में गूंज रही मासूम की चीख ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का दिल दहला दिया. यात्रियों की त्वरित सजगता और तत्परता के कारण बच्ची की जान सुरक्षित बच गई और उसे पुनपुन स्टेशन पर उतारकर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच ट्रेन जब पटना से खुलकर गया की ओर बढ़ रही थी, तभी एक बोगी में बैठे यात्रियों का ध्यान सीट के नीचे या कोने से आ रही किसी बच्चे के रोने की आवाज पर गया. जब यात्रियों ने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए. कपड़े में पूरी तरह लपेटी हुई एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में सीट पर पड़ी सिसक रही थी. बच्ची की ऐसी मर्मस्पर्शी हालत देखकर बोगी में सवार यात्री सहम गए. यात्रियों ने तुरंत ट्रेन के भीतर ही काफी देर तक उसके माता-पिता या किसी अन्य अभिभावक की खोजबीन की, लेकिन किसी ने भी बच्ची पर अपना दावा नहीं किया.

पुनपुन थानाध्यक्ष बेबी कुमारी ने जीआरपी से साधा संपर्क

ट्रेन के भीतर जब कोई सुराग नहीं मिला, तो यात्रियों ने मानवता का परिचय देते हुए बच्ची को अपनी सुरक्षा में लिया और जैसे ही ट्रेन पुनपुन स्टेशन पर रुकी, वे उसे लेकर सुरक्षित नीचे उतर गए. रविवार की रात करीब 8:00 बजे यात्री सीधे बच्ची को लेकर पुनपुन थाने पहुंचे. पुनपुन की महिला थानाध्यक्ष बेबी कुमारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत बच्ची को अपनी देखरेख में लिया और उसे दूध व प्राथमिक राहत पहुंचाई.

थानाध्यक्ष बेबी कुमारी ने बताया कि नवजात बच्ची को सुरक्षित रखने के साथ ही पुलिस ने तत्काल पटना रेलखंड पुलिस को इस लावारिस बच्ची के मिलने की आधिकारिक सूचना दी. इसके अलावा उस समय ट्रेन में यात्रा कर रहे कुछ अन्य यात्रियों और स्टेशन वेंडरों से भी पूछताछ की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को किस स्टेशन पर और किसने ट्रेन में लावारिस छोड़ा था, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा.

मामले के मुख्य बिंदु:

  • उम्र: नवजात बच्ची की उम्र मात्र 10 दिन के आसपास प्रतीत हो रही है.
  • रेस्क्यू: सजग सहयात्रियों ने पुनपुन स्टेशन पर उतारकर रात 8 बजे पुलिस को सौंपा.
  • स्वास्थ्य: डॉक्टरों की मेडिकल जांच में बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित पाई गई.

सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी रेलवे पुलिस, बाल कल्याण समिति को सौंपी गई मासूम

थानाध्यक्ष बेबी कुमारी ने बताया कि जिस तरह से नवजात बच्ची को बेहद सुनियोजित और सुरक्षित तरीके से कपड़े में लपेटकर ट्रेन की बोगी में अकेले छोड़ दिया गया था, उससे साफ जाहिर होता है कि किसी ने लोक-लाज या किसी अन्य सामाजिक कारण से जानबूझकर मासूम को लावारिस छोड़ा है.

सोमवार को पुनपुन थाना पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए तारेगना जीआरपी (GRP) की विशेष सहायता से बच्ची को पटना स्थित ‘बाल कल्याण समिति’ (CWC) की टीम के हवाले कर दिया. समिति के निर्देश पर बच्ची की पूरी शारीरिक और चिकित्सीय जांच अस्पताल में कराई गई, जहां डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया है. फिलहाल मासूम बच्ची को संरक्षण गृह भेज दिया गया है. इधर, रेल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पटना से पुनपुन के बीच पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि ट्रेन की उस विशिष्ट बोगी में चढ़ने और उतरने वाले संदिग्धों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.

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Published by: Nikhil Anurag

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