पटना में सोना हुआ महंगा तो बदल गया ट्रेंड, दो माह में दोगुना हुआ गोल्ड एक्सचेंज, 60 फीसदी घटा कैश का कारोबार

Patna News: पटना में सोने की बढ़ती कीमतों के बीच पुराने गहनों के बदले नई ज्वेलरी लेने का चलन तेजी से बढ़ा है. दो माह में गोल्ड एक्सचेंज 60 किलो से बढ़कर 125 किलो प्रतिमाह पहुंच गया, जबकि कैश खरीदारी 60 फीसदी तक घट गई. बड़े ज्वेलरी शोरूमों के कारोबार का करीब आधा हिस्सा अब गोल्ड एक्सचेंज से आ रहा है.

Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री के सोने के गहने नहीं खरीदने का सलाह का असर अब पटना के ब्रांडेड और असंगठित ज्वेलरी शोरूमों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. पिछले दो माह में कैश से नई ज्वेलरी की खरीदारी में लगभग 60 फीसदी तक की कमी आई है. केवल ब्रांडेड ज्वेलरी दुकानों का कारोबार एक माह में 700 करोड़ से घटकर 280 करोड़ के लगभग पहुंच गया है.

दाे माह में एक्सचेंज का कारोबार हुआ दोगुना

ज्वेलर्सों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो माह पहले पटना और आसपास के इलाके में गोल्ड एक्सचेंज ऑफर के तहत हर माह 60 किलो गहने बदले जाते थे, लेकिन अब हर माह 125 किलो सोने गहने एक्सचेंज तक पहुंच गया है. फिलवक्त में बड़े और ब्रांडेड शोरूम के कुल कारोबार का 50 फीसदी तक हिस्सा एक्सचेंज से आ रहा है. वहीं दूसरी ओर एक्सचेंज ऑफर का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए अब ब्रांडेड कंपनियों के साथ असंगठित ज्वेलर्स कैश भी दे रहे हैं.

कारोबारियों ने बताई ग्राहकों की बदलती पसंद

  1. तनिष्क फ्रेजर रोड के महाप्रबंधक उमेश टेकरीवाल ने बताया कि सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण ग्राहकों की खरीदारी की आदत बदल गई है. पहले कुछ ग्राहक नई ज्वेलरी खरीदने के साथ गोल्ड एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ उठाते थे. लेकिन पिछले दो माह से वे अपने पुराने गहनों का मूल्य समायोजित कर नए डिजाइन लेना पसंद कर रहे हैं. हमारे यहां होने वाले कुल कारोबार का लगभग 50- 55 फीसदी हिस्सा एक्सचेंज से आ रहा है. पहले यह 25 से 30 फीसदी तक ही था.
  2. कोतवाली थाना स्थित हीरा- पन्ना के सीइओ शेखर केसरी ने पिछले दो माह पहले 20 फीसदी एक्सचेंज ऑफर के तहत होता था, लेकिन प्रधानमंत्री के सलाह के बाद यह आंकड़ा 50 फीसदी तक पहुंच गया है. एक्सचेंज तौर पर आयी तेजी से व्यापार बढ़ रहा है. इसका सीधा असर देश के फॉरेन रिजर्व की बढ़ोतरी पर पड़ा है.
  3. वहीं बोरिंग रोड स्थित इंद्रिया के महाप्रबंधक अविनाश सिंह ने बताया कि गोल्ड एक्सचेंज योजना इस समय सबसे बड़ा सहारा बनी हुई है. वे पुराने आभूषणों का सही मूल्यांकन कराकर नई ज्वेलरी लेना पसंद कर रहे हैं. कुछ माह पहले 20-25 फीसदी तक एक्सचेंज के तहत गहने बिकते थे. आज की तारीख में यह आंकड़ा 30 से 35 फीसदी तक पहुंच गया है.
  4. पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि यह सच है कि आज ज्वेलरी बाजार एक्सचेंज पर टिका है. लगभग 50- 60 फीसदी कैश कारोबार ठप है, ओल्ड गोल्ड एक्सचेंज का बढ़ता चलन न केवल ग्राहकों को अपने आभूषणों की वास्तविक कीमत जानने का अवसर दे रहा है, संघ के पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.

100 फीसदी वैल्यू का भरोसा

ब्रांडेड शोरूम्स ग्राहकों को लुभाने के लिए पुराने सोने (चाहे वह किसी भी दुकान से खरीदा गया हो) पर सौ फीसदी वैल्यू देने का वादा कर रहे हैं. आधुनिक कैरेटमीटर मशीनों से शुद्धता की जांच ग्राहकों के सामने की जाती है, जिससे उनका भरोसा बढ़ा है. साथ ही सोने के दाम ऊंचे होने के कारण लोग नया कैश लगाने के बजाय पुराने सोने को रिसाइकल करना ज्यादा व्यावहारिक मान रहे हैं.

ओल्ड गोल्ड एक्सचेंज के बढ़ते चलन से सामने आ रही कई सच्चाई

पुराने आभूषणों को एक्सचेंज कराने का चलन तेजी से बढ़ा है. इसका असर यह हुआ है कि ज्वेलरी कारोबार में वर्षों से छिपी कई सच्चाइयां भी सामने आने लगी हैं. पटना के प्रमुख ज्वेलर्स के अनुसार एक्सचेंज के लिए आने वाले कई आभूषणों की जांच में उनकी शुद्धता ग्राहकों की अपेक्षा से कम पाई जा रही है. कई मामलों में 22 कैरेट बताकर बेचे गए आभूषणों में अन्य धातुओं की मात्रा अधिक मिल रही है, जबकि कुछ गहनों का वास्तविक वजन भी ग्राहकों की जानकारी से अलग निकल रहा है.

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