3 जिलों के SP के तबादले की जारी कर दी फर्जी अधिसूचना, साइबर पुलिस ने आरोपी को दबोचा, कल होगा बड़ा खुलासा

Patna News: बिहार के 3 जिलों (सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय) के SP के तबादले की गृह मंत्रालय के नाम से फर्जी अधिसूचना सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है. पुलिस मुख्यालय तक फर्जी पत्र पहुंचने के बाद पटना के साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है. सूत्रों के अनुसार, साइबर पुलिस ने विभाग के ही एक कर्मी को इस मामले में गिरफ्तार किया है. साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने जांच की पुष्टि की है, जिसका आधिकारिक खुलासा शुक्रवार को होने की उम्मीद है.

Patna News: बिहार की राजधानी पटना से जालसाजी और प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहाँ किसी शातिर ने सूबे के तीन महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के तबादले की एक फर्जी अधिसूचना जारी कर दी. यह फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय तक हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना की साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय के SP का था मामला, गृह मंत्रालय के नाम पर हुआ खेल

मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे जालसाजी के खेल को बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया गया था. जालसाज ने सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय जिले के एसपी के तबादले से जुड़ी हुबहू सरकारी जैसी दिखने वाली फर्जी अधिसूचना तैयार की.  इस फर्जी पत्र को बाकायदा गृह मंत्रालय के नाम से जारी किया गया था. देखते ही देखते यह फर्जी पत्र सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगा. जब यह वायरल पत्र बिहार पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों के पास पहुंचा, तो विभाग में खलबली मच गई. तुरंत इसकी सत्यता जांची गई, जिसके बाद इसके पूरी तरह फर्जी होने का खुलासा हुआ.

साइबर थाने में FIR दर्ज, आरोपी की गिरफ्तारी की चर्चा तेज

गृह विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद पटना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई. मामले को लेकर पटना के साइबर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई और तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया.

वैज्ञानिक साक्ष्यों और आईपी एड्रेस को ट्रैक करते हुए पुलिस ने त्वरित छापेमारी की और फर्जी अधिसूचना वायरल करने वाले मुख्य आरोपी को धर-दबोचा. हालांकि, अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो आरोपी पुलिस की कस्टडी में है.

चौंकाने वाला मोड़: विभाग का ही कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड! शुक्रवार को होगा खुलासा

इस पूरे मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आ रहा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय के नाम से यह फर्जी अधिसूचना जारी करने वाला और कोई नहीं, बल्कि खुद पुलिस विभाग में ही कार्यरत एक कर्मचारी है. हालांकि, इसकी पूरी सच्चाई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही साफ हो पाएगी. पूरी संभावना जताई जा रही है कि पटना पुलिस शुक्रवार को इस पूरे मामले का आधिकारिक तौर पर खुलासा करेगी.

इस संबंध में साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी (DSP) नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि मामला पूरी तरह से संज्ञान में आ चुका है. पुलिस हर तकनीकी और कानूनी पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है और जांच अभी जारी है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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