पटना में बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगी नावें, ओवरलोडिंग पर सख्ती, सूर्यास्त के बाद परिचालन पर पूर्ण रोक

Patna News: पटना जिले में नाव हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं. अब बिना रजिस्ट्रेशन नावों के परिचालन, ओवरलोडिंग और सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी.

Patna News (हिमांशु देव): दीघा, कलेक्ट्रेट, गांधी घाट व गायघाट सहित जिले के सभी घाटों पर ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसी भी नाव पर क्षमता से अधिक लोग, मवेशी या वाहन लादने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी भी परिस्थिति में नाव नहीं चलेगी. नदियों में नाव हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है. इसके अलावा, आंधी-तूफान या तेज हवा जैसे खराब मौसम में नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी.

सभी नाव मालिकों को अपनी नाव पर नाविक का नाम, मोबाइल नंबर, निबंधन संख्या और लोड क्षमता स्पष्ट रूप से लिखवानी होगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बंगाल फेरी एक्ट व बिहार आदर्श नौका नियमावली के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

शुक्रवार को डीएम व एसएसपी ने बैठक कर सभी अनुमंडल अधिकारियों, डीएसपी, अंचल अधिकारियों व थानाध्यक्षों को नाव परिचालन के नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है. जिला परिवहन पदाधिकारी को अंचलवार रोस्टर बनाकर सभी नावों का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है. रजिस्ट्रेशन से पहले मोटर यान निरीक्षक नावों की जांच करेंगे. बिना रजिस्ट्रेशन पाई जाने वाली नावों को तुरंत जब्त किया जाएगा और उनके संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

लाइफ जैकेट अनिवार्य, खतरनाक घाटों से नहीं खुलेंगी नावें

सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक नाव पर क्षमता के अनुसार लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, फर्स्ट एड किट व रस्सी जैसे बचाव उपकरण रखना अनिवार्य कर दिया गया है. नाविकों को सिर्फ प्रशासन द्वारा चिन्हित घाटों से ही नाव चलाने की अनुमति होगी, जबकि खतरनाक घोषित किए गए घाटों से परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा. अंचल अधिकारियों व थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सभी नाविकों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दें. इसके साथ ही, अधिकारी लगातार घाटों का औचक निरीक्षण करेंगे और इसकी रिपोर्ट अनुमंडल पदाधिकारी तथा जिला आपदा शाखा को सौंपेंगे.

मुख्य घाटों पर बनेंगे आपदा कंट्रोल रूम, तैनात रहेंगे गोताखोर

यात्रियों की सुरक्षा व आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए मुख्य घाटों पर आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं. इन कंट्रोल रूम में चौबीसों घंटे मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे. इसके अलावा, घाटों पर पटना स्मार्ट सिटी और स्थानीय प्रशासन के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया जाएगा और लगातार चेतावनी प्रसारित की जाएगी. अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) को इन सभी व्यवस्थाओं व सुरक्षित परिचालन की एसओपी की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है.

Also Read: बिहार में प्राइवेट स्कूलों की 1 जुलाई से शुरू होगी जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vikas Jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >