Patna News (मोनु कुमार मिश्रा): पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के मौदही गांव में पुश्तैनी जमीन विवाद को लेकर बुधवार से चल रहा अनशन गुरुवार को प्रशासनिक पहल के बाद समाप्त हो गया. खबर प्रकाशित होने के बाद बिहटा पुलिस हरकत में आयी और अधिकारियों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची. पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई एवं न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पूर्व पंचायत समिति सदस्य मदन कुमार मस्ताना अपने परिवार के साथ अनशन समाप्त करने पर राजी हो गये.
जमीन कब्जा करने का हो रहा प्रयास
धरना पर बैठे परिवार का आरोप था कि मौजा मौदही, थाना संख्या-62 के खाता संख्या-52 एवं खेसरा संख्या-624 की करीब 1.5625 डिसमिल जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है. परिवार का कहना है कि जमीन की मापी भी करायी जा चुकी है, बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा उक्त जमीन पर कब्जा करने तथा रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
जमीन पर नाली और रास्ता बनाने की कोशिश
मदन कुमार मस्ताना ने बताया कि वर्ष 2016 में घर निर्माण के दौरान अस्थायी रूप से ईंट, बालू एवं अन्य सामग्री रखने के लिए जमीन दी गयी थी, लेकिन अब तक जमीन खाली नहीं की गयी. आरोप है कि उसी जमीन पर नाली और रास्ता बनाने की कोशिश की जा रही है.
गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर 11 मई को जेसीबी मशीन से मिट्टी भराई कराने तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया था. मामले को लेकर पीड़िता लालती देवी द्वारा बिहटा थाना एवं अंचल कार्यालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गयी थी.
पुलिस प्रशासन ने कराया अनशन समाप्त
अनशन की सूचना और मामले के तूल पकड़ने के बाद बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के निर्देश पर एडिशनल प्रभारी विकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इस दौरान स्थानीय जिला परिषद प्रतिनिधि नागेंद्र यादव भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने परिवार से बातचीत कर मामले की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इसके बाद जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया. धरना समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक पहल की सराहना की. वहीं मदन कुमार मस्ताना ने कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा है और उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी.
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