बिहटा का अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान; सुविधाओं की कमी से जूझते खिलाड़ी, अधूरा रह रहा है खेल प्रतिभाओं का सपना

Patna News: बिहटा के अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान में दशकों से विकास नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. मैदान में समतलीकरण, पेयजल, शौचालय और रोशनी जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी के चलते युवा खिलाड़ी सही ढंग से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं.

Patna News: (मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट)
बिहटा नगर परिषद क्षेत्र स्थित अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान वर्षों से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं के लिए खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, लेकिन आज तक इस मैदान का समुचित विकास नहीं हो सका है. क्षेत्र का सबसे बड़ा खेल मैदान माने जाने वाले इस मैदान में प्रतिदिन सुबह-शाम आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में युवक दौड़ लगाने, क्रिकेट, फुटबॉल समेत अन्य खेलों का अभ्यास करने पहुंचते हैं. बावजूद इसके यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है.स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान में न तो समतलीकरण की व्यवस्था है और न ही खिलाड़ियों के लिए बैठने, पेयजल अथवा शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. बरसात के दिनों में मैदान जलजमाव की समस्या से जूझता है, जिससे खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है.

रोशनी की भी नहीं है व्यवस्था

शाम के समय रोशनी की भी कोई व्यवस्था नहीं रहने से खिलाड़ियों को अंधेरे में अभ्यास करना पड़ता है.ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. स्थानीय विधायक भी वर्षों से यहां आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते रहे हैं, फिर भी मैदान के विकास की दिशा में कोई विशेष कदम नहीं उठाया गया. युवाओं का कहना है कि यदि इस मैदान का विकास कर बाउंड्री, रनिंग ट्रैक और अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं, तो यह क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए बेहतर मंच साबित हो सकता है. लोगों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मैदान के विकास के लिए शीघ्र पहल करने की मांग की है.

क्षेत्र के युवा खिलाड़ीयों का बयान

1. रजनी कुमार (अल्हणपुरा)(युवा खिलाड़ी) ने कहा कि अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा निखारने का प्रमुख केंद्र है. इस मैदान के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. साथ ही मैदान परिसर में पेड़-पौधे लगाकर हरित वातावरण विकसित किया जाए. खिलाड़ियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स समेत सभी खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिल सके. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस मैदान के सर्वांगीण विकास के लिए शीघ्र पहल करनी चाहिए.

2.जॉली पाण्डेय(पांडेयचक)( युवा खिलाड़ी) ने बताया कि प्रतिदिन दर्जनों युवा यहां दौड़ और शारीरिक अभ्यास करने आते हैं. यदि रनिंग ट्रैक और पेयजल की व्यवस्था हो जाए तो खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलेगा.

3.राजेश मिश्रा(सहवाजपुर)(क्रिकेट खिलाड़ी) ने कहा कि अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण खेल स्थल है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में अभ्यास करने में काफी कठिनाई होती है. मैदान का समतलीकरण और नियमित रखरखाव जरूरी है.बिहटा नगर परिषद को साफ़ सफ़ाई पर भी ध्यान देना चाहिए.

4.चंद्रकांत यादव(अल्हणपुरा)(कई वर्षों से खेल से जुड़े समाज सेवी) ने कहा कि अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाता. सरकार को इस मैदान का विकास कर यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम का निर्माण कराना चाहिए. स्टेडियम बनने से क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का अवसर मिलेगा. इससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा और युवाओं का खेलों के प्रति रुझान भी बढ़ेगा.

5.बिहटा नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सह युवा समाजसेवी रिंकू सिंह ने कहा कि अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण धरोहर है. मैदान के विकास और इसे सुदृढ़ बनाने के लिए जल्द ही संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक पहल की जाएगी. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, मैदान की सुरक्षा, पेयजल व्यवस्था, पौधारोपण तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके.

6.बिहटा युवा समाजसेवी सह खिलाड़ी कुश कुमार ने कहा कि अल्हणपुरा-सहवाजपुर खेल मैदान केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं की उम्मीदों और सपनों का केंद्र है. वर्षों से यहां खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बीच अपनी प्रतिभा निखारने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आज तक मैदान का समुचित विकास नहीं हो सका है. उन्होंने कहा कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस मैदान के विकास के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए. मैदान की घेराबंदी, रनिंग ट्रैक, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पौधारोपण और खिलाड़ियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए. साथ ही भविष्य में यहां एक आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को भी शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें.

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