Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
पटना में आध्यात्मिक सत्संग समिति की ओर से अग्रसेन भवन स्थित दादी मंदिर, बैंक रोड में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म और भक्ति का लाभ उठाया.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विशेष पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत वृंदावन से पधारे आचार्य राजेश पांडे के नेतृत्व में वेदी पूजन एवं वैदिक अनुष्ठान से हुई. इस दौरान मुख्य यजमान नंद किशोर अग्रवाल समेत 20 यजमानों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पूजा-अर्चना की.
श्रीकृष्ण हर वर्ग के लिए बने आदर्श
कथा वाचन के दौरान प्रख्यात शास्त्रोपासक आचार्य डॉ. चंद्रभूषण मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण अपनी दिव्यता को सहज रूप से छिपाकर समाज के हर वर्ग और प्रकृति के प्रत्येक तत्व के साथ घुलमिल जाते थे, यही कारण है कि उन्हें जगत गुरु के रूप में सम्मान प्राप्त है.
सुदामा प्रसंग से दिया समानता का संदेश
आचार्य मिश्र ने कहा कि श्रीकृष्ण ने प्रेम, समानता और मित्रता का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत किया. सुदामा जैसे निर्धन मित्र के प्रति उनका सम्मान और स्नेह यह दर्शाता है कि भगवान के लिए किसी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव मायने नहीं रखता.
प्रेम ही श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी पहचान
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल प्रेम बांटते हैं और सभी को अपनापन देते हैं. यही कारण है कि हर व्यक्ति उन्हें अपना मानता है और उनके प्रति गहरी श्रद्धा रखता है.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर शक्तिधाम के मुख्य संस्थापक अमर अग्रवाल, समिति अध्यक्ष रमेश चंद गुप्ता, महामंत्री संदीप सर्राफ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया.
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