Patna NEET Student Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में जांच-पड़ताल जारी है. इस बीच आज (सोमवार) गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की बेल पर सुनवाई होगी. कोर्ट से अब तक मनीष रंजन को जमानत नहीं मिली है. इससे पहले शनिवार को भी सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई थी, लेकिन उसकी जमानत को खारिज कर दिया गया था.
शनिवार को सुनवाई के दौरान क्या कहा?
शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई थी और तीखे सवाल भी किए थे. लगभग ढाई घंटे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि जब मामला गंभीर है तो पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया? CBI ने 12 फरवरी को 307 यानी हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था.
कोर्ट ने पूछा कि 15 दिन की जांच में मनीष रंजन के खिलाफ क्या सबूत जुटाए गए? क्या अब भी उसकी जरूरत जांच के लिए है? अगर केवल अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है, तो स्पष्ट बताएं कि हिरासत क्यों जरूरी है. ऐसे में आज सीबीआई को जवाब देना पड़ सकता है कि पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया.
‘मनीष रंजन की जरूरत नहीं’
17 जनवरी तक केस की जांच चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन प्रभारी रौशनी कुमारी कर रही थीं. बाद में जांच SIT को सौंपी गई. कोर्ट ने रौशनी से पूछा कि मनीष पर क्या आरोप हैं? कौन-कौन से सबूत जब्त किए? सबूत 24 घंटे में कोर्ट में क्यों नहीं दिए? इस तरह से कई सवाल कोर्ट की तरफ से पूछे गए. कोर्ट ने यह भी पूछा, मनीष रंजन का आरोप क्या है. एसआईटी ने मनीष रंजन की कोई जरूरत नहीं होने की बात कही थी.
महिला स्टाफ से हुई थी पूछताछ
इससे पहले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की महिला स्टाफ से सीबीआई ने पूछताछ की थी. महिला स्टाफ रितु कुमारी ने बताया था, नीट छात्रा के कंधे और कुहनी सहित शरीर के अन्य हिस्सों में खरोंच के निशान थे. रितु कुमारी ने यह भी कहा था कि मैंने सीबीआई को बता दिया. मैंने सीबीआई को पूरा सहयोग किया. आगे भी करती रहूंगी. अब उसकी जिम्मेदारी है कि वह सच लायें.
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