पटना से प्रमोद झा की रिपोर्ट
पटना नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी भूखंडों, अपार्टमेंटों और फ्लैटों को संपत्ति कर के दायरे में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके लिए नगर निगम विशेष सत्यापन अभियान चलाएगा. अभियान के तहत अपार्टमेंट सचिवों और प्रबंधन समितियों से विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी, ताकि सभी संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके.
सफाई निरीक्षक और वार्ड नोडल पदाधिकारी करेंगे सर्वे
नगर निगम के निर्देशानुसार संबंधित क्षेत्रों के सफाई निरीक्षक और वार्ड नोडल पदाधिकारी संयुक्त रूप से अपार्टमेंट और बहुमंजिला भवनों का भौतिक सत्यापन करेंगे. इस दौरान फ्लैटों की संख्या, भवन की कुल मंजिलें, भवन किस सड़क पर स्थित है और अन्य आवश्यक जानकारियों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा.
राजस्व पदाधिकारी करेंगे अभिलेखों का मिलान
सर्वे के दौरान जुटाई गई सभी जानकारियों और प्रपत्रों का परीक्षण संबंधित राजस्व पदाधिकारी करेंगे. उपलब्ध अभिलेखों का मिलान और सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह तथ्यपरक, पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे. सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.
कर के दायरे से बाहर संपत्तियां भी होंगी शामिल
नगर निगम के इस अभियान के तहत ऐसी संपत्तियों की भी पहचान की जाएगी, जिनका संपत्ति कर वास्तविक देयता से कम निर्धारित किया गया है या जो अब तक कर निर्धारण के दायरे से बाहर हैं. सत्यापन के बाद ऐसी सभी संपत्तियों को संपत्ति कर के दायरे में शामिल किया जाएगा.
राजस्व बढ़ेगा, नागरिक सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
नगर निगम का मानना है कि इस अभियान से संपत्ति कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. बढ़े हुए राजस्व का उपयोग नागरिक सुविधाओं के विस्तार, शहरी आधारभूत संरचना के विकास और बेहतर नगर सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा. इससे शहर के विकास कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
