Patna News: तीन विवादित प्रस्तावों के चलते करीब छह माह पहले स्थगित 9वीं साधारण बैठक के बाकी बचे प्रस्तावों को पास कर दिया गया. प्रस्तावों पर शनिवार को पटना नगर निगम पर्षद की 10वीं साधारण बैठक में मुहर लगी. मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन होटल लेमन ट्री में किया गया. बैठक में विवादित प्रस्तावों को छोड़कर बाकी सभी प्रस्तावों को विकास हित मानते हुए पास कर दिया गया. इस बैठक में कुल नौ प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें से आठ पर सहमति बनी.
इनमें प्रमुख प्रस्ताव था 200 करोड़ रुपये का म्यूनिशिपल बॉन्ड (Municipal Bond) जारी करने का. इसमें 26 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी. इसका इस्तेमाल बुनियादी ढांचा विकसित करने और नागरिक सुविधाओं पर खर्च करने के लिए किया जाना था. लेकिन, सशक्त स्थायी समिति के पूर्व सदस्य व पार्षद डॉ आशीष कुमार सिन्हा ने इस पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि बिना परियोजना तैयार किए बॉन्ड जारी करना नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा, बॉन्ड खरीदने वालों को मुनाफे के साथ पैसे वापस करना होगा.
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इसके बाद नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल उन योजनाओं में किया जाएगा, जिनसे निगम को आय होगी, जैसे वेंडिंग जोन, मॉल और कमर्शियल बिल्डिंग. इसके अलावे उन्होंने पटना जंक्शन क्षेत्र को विकसित करने के लिए भी एक परियोजना बनाने का सुझाव दिया. दरअसल, यह वह स्थान है जहां बाहर से आने वाले लोग पहले पहुंचते हैं.
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375 कचरा वाहन व 750 हाथ ठेला खरीदे जाएंगे
हर वार्ड से नियमित कचरा उठाव के लिए 150 इ-रिक्शा कचरा वाहन, 150 क्लोज टिपर, 75 ओपन टिपर, दो सुपर सकर मशीन और तीन मिनी पोपलेन खरीदी जाएंगी. इसके अलावा, प्रत्येक वार्ड में 10 हाथ ठेले तैनात किए जाएंगे, क्योंकि निगम के पास पर्याप्त वाहन नहीं हैं. डीटीओ पटना की ओर से 10 माह पहले 158 जर्जर वाहन में भी 152 को कंडम घोषित कर दिया गया है. पार्षदों को एक-एक करोड़ की योजनाएं पास की गईं. इसके अलावा, ओटीएस योजना के तहत एकमुश्त टैक्स भुगतान करने पर पेनाल्टी माफ की जाती है, और पार्षदों ने इसके प्रचार-प्रसार की सलाह दी.
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नयी विज्ञापन नियमावली पर फिर से होगी बैठक
नयी विज्ञापन नियमावली पर भी चर्चा की गई. पार्षदों ने इसका विरोध किया. कहा कि प्रस्ताव को पारित करने से पहले उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी. इस पर कहा गया कि एक विशेष बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से विचार किया जाएगा. वहीं, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर टैक्स बढ़ाने को लेकर भी विवाद हुआ. पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने आपत्ति जताई और कहा कि इसका असर छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों पर पड़ेगा, जिनकी पहले ही आर्थिक स्थिति कठिन है. हालांकि, अन्य पार्षदों ने इसे समर्थन दिया और टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव पारित हो गया.
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हाइयील्ड ट्यूबवेल, वाटर एटीएम सहित अन्य पर भी लगी मुहर
बैठक में हाइ-यील्ड ट्यूबवेल, वाटर एटीएम जैसी परियोजनाओं पर भी मुहर लगी. शहर के विभिन्न वार्डों में ट्यूबवेल निर्माण के लिए 1.33 से 1.36 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित की गई है. इसके अलावा, 100 वाटर एटीएम लगाने का भी प्रस्ताव पास हुआ. कांग्रेस मैदान, शेखपुरा, दरगाह शाह करबला परिसर, आर्य कुमार रोड, मछुआ टोली, महावीर कॉलोनी, श्रीकृष्ण नगर, टेलीग्राफ कॉलोनी, विद्यापति मार्ग सहित कई इलाकों में ट्यूबवेल लगाए जाएंगे. वहीं, करबिगहिया में हर घर नल जल योजना, वार्ड 29 में धोबी घाट का रिनोवेशन व बोरिंग, वार्ड 59 में पाइपलाइन विस्तार आदि पर भी मुहर लगी. इसके अलावे हुडको से प्राप्त सीएसआर मद से 100 वाटर एटीएम इंस्टॉल करने पर मुहर लगी.
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केवल 19 वार्डों में विकास कार्यों का सर्वे को लेकर हुआ हंगामा
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर नवविस्तारित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का सर्वे किया गया. बैठकी कार्यसूची पर मुहर लहने के बाद पार्षदों ने हंगामा किया. उनका कहना था कि सर्वे केवल 19 वार्डों में ही क्यों किया गया, जबकि इसे सभी वार्डों में किया जाना चाहिए था. वहीं, इस बैठक में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका भी जताई गई, क्योंकि बजट की संपुष्टि नौ माह बाद की जा रही थी. पार्षद डॉ इंद्रदीप चंद्रवंशी ने कहा कि इतना देर से 2025-26 की कार्यवाही की संपुष्टि क्यों किया जा रहा है. वहीं, पार्षद पिंकी यादव ने बायपास एरिया में सुविधाएं दुरुस्त करने का प्रस्ताव दी. उनके अलावे अन्य पार्षदों ने पुराने पाइपलाइन को हटा नया बिछाने की मांग रखी.
ये हैं तीनों विवादित प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या-123: नगर निगम द्वारा किसी भी तरह की योजना बिना सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड से स्वीकृति प्राप्त किये बिना पास नहीं करायीजाये.
प्रस्ताव संख्या-124: अमेजिंग इंडिया को बहाल करने पर पहले की बोर्ड बैठक में चर्चा के बगैर ही स्वीकृति के लिए कार्यवाही में शामिल किया गया.
प्रस्ताव संख्या-125: नगर निगम के अधिवक्ता व रिटेनर प्रसून सिन्हा को निगम की सेवा से मुक्त कर अधिवक्ताओं के लिए नये पैनल का गठन किया जाये.
