Patna Multi-Modal Hub : राजधानी के जीपीओ गोलंबर के पास बने मल्टी मॉडल हब की शुरुआत हुए 14 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण अब तक यहां वाहनों की पार्किंग के लिए रसीद कटनी शुरू नहीं हो सकी है. करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट में अब तक पार्किंग का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी का चयन नहीं किया जा सका है. इसका सीधा असर राजस्व पर पड़ रहा है, जिससे पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड को पिछले 14 महीनों में करीब 2.36 करोड़ रुपये से अधिक के पार्किंग राजस्व का नुकसान हुआ है.
वर्तमान में केवल सिटी बसें और ऑटो का ही हो रहा परिचालन
वर्तमान में इस हब से केवल सिटी बसें व ऑटो ही चल रहे हैं. वहीं, बिना किसी व्यवस्थित शुल्क के चार पहिया वाहन लग रहे हैं. परिसर में अधिकृत टिकट काउंटर भी बना है, लेकिन ताला लटक रहा है. वहीं दूसरी ओर, परिसर में ही बने रेस्टोरेंट और छह दुकानें भी टेंडर फाइनल न होने के कारण महीनों से बंद पड़ी हैं. यदि समय रहते इन सुविधाओं को चालू कर दिया गया होता, तो विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलती.
68 करोड़ का प्रोजेक्ट, पर पार्किंग में मुफ्त खड़े हो रहे वाहन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तैयार इस पार्किंग की क्षमता करीब 225 कार, 100 ऑटो व 32 बसों को एक साथ खड़ा करने की है. हर दिन करीब 30 से 40 हजार लोग पार्किंग व सबवे का उपयोग कर रहे हैं. बावजूद यहां से एक रुपये का भी राजस्व नहीं आ रहा है. मौर्यालोक में संचालित दो मल्टी लेवल पार्किंग की तर्ज पर यदि यहां भी पहले घंटे के लिए 20 रुपये और बाद में 10 रुपये प्रति घंटे की दर से शुल्क लिया जाता, तो हर महीने 16.87 लाख रुपये से अधिक की कमाई होती.
रेस्टोरेंट और दुकानें भी बंद, हर माह लाखों का नुकसान
परिसर में एक बड़ा रेस्टोरेंट व छह दुकानें भी बनाई गई हैं. रेस्टोरेंट के लिए न्यूनतम छह लाख रुपये प्रति माह के किराए वाले बिड को फाइनल किया जाना है, लेकिन टेंडर की प्रक्रिया चार महीने बीतने के बाद भी अटकी पड़ी है. इसी तरह, यहां दैनिक उपयोग के सामान, डेयरी प्रोडक्ट्स, फास्ट फूड, जूस काउंटर, मेडिकल शॉप व स्वीट्स की दुकानें खुलनी थीं. यदि ये दुकानें भी समय पर खुल जातीं, तो पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड को हर महीने कम से कम 1.4 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता.
आचार संहिता के बाद टेंडर, अगस्त में पूरी होगी प्रक्रिया
पटना स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि मामले को लेकर हाल ही में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई है. पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू करने और एजेंसी चयन के लिए आरएफपी तैयार कर लिया गया है. वहीं, सीइओ मो शमशाद ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद अगस्त माह में इसके लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा. दो महीने के भीतर बेहतर एजेंसी का चयन करके इस पूरे मल्टी मॉडल हब को सेंसिटाइज कर दिया जाएगा. सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां हर फ्लोर पर गार्ड तैनात किए गए हैं.
एस्कलेटर एरिया में लगेंगे एसी
गुरुवार को पटना स्मार्ट सिटी व भवन निर्माण निगम की एक संयुक्त टीम ने इस पूरे हब का गहन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एस्कलेटर के पास चढ़ते समय यात्रियों को काफी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए अधिकारियों ने यहां रेंट पर एसी लगाने का निर्णय लिया है.
पांच रुपये में लगेंगे दुकानदारों के वाहन
जीपीओ गोलंबर के आसपास बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों व स्थानीय दुकानदारों को राहत देने के लिए एक नई योजना तैयार की गई है. आसपास के दुकानदारों के वाहनों के लिए मात्र पांच रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है, ताकि वे अपने वाहन यहां सुरक्षित पार्क कर सकें और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके.
