Patna High Court : बिहार न्यायिक अकादमी के आसपास अतिक्रमण हटाने के बाद फेंसिंग, हरित क्षेत्र और पार्क विकसित करने के काम में हो रही देरी को लेकर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
तीन विभागों के सचिवों को व्यक्तिगत रूप से किया तलब
हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण विभाग, वन विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिवों को शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. तीनों सचिवों को संबंधित विकास कार्यों की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराना होगा.
समय-सीमा के साथ देनी होगी कार्ययोजना
कोर्ट ने तीनों विभागों के सचिवों को स्पष्ट और समन्वित कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है. उन्हें यह भी बताना होगा कि फेंसिंग, हरित क्षेत्र और पार्क विकसित करने का काम कब तक पूरा किया जायेगा. कार्ययोजना में काम की समय-सीमा भी स्पष्ट करनी होगी.
जनहित याचिका पर हुई सुनवाई
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने गुरुवार को बिहार न्यायिक अकादमी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विकास कार्यों में हो रही देरी को गंभीरता से लिया और तीनों विभागों के सचिवों की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश दिया.
अतिक्रमण हटाने के बाद होना है विकास कार्य
बिहार न्यायिक अकादमी के आसपास पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गयी थी. इसके बाद क्षेत्र में फेंसिंग कराने के साथ हरित क्षेत्र और पार्क विकसित करने की योजना है. इन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कोर्ट ने संबंधित विभागों से जवाब और स्पष्ट कार्ययोजना मांगी है.
शुक्रवार को कोर्ट में बतानी होगी पूरी स्थिति
अब शुक्रवार सुबह 10.30 बजे तीनों विभागों के सचिवों को हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति बतानी होगी. साथ ही उन्हें विभागों के बीच समन्वय और कार्य पूरा करने की निर्धारित समय-सीमा की जानकारी भी देनी होगी.
