Patna News : पटना के दुल्हिन बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होते ही प्रस्तावित सीमांकन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विरोध शुरू हो गया है. नगर पंचायत में शामिल किये जाने वाले गांवों और मौजों के चयन पर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाते हुए सोमवार को बाजार बंद करा दिया और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.
चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीमांकन में भेदभाव और मनमानी का आरोप लगाया. उनका कहना था कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिये बिना सीमांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है. लोगों ने प्रशासन से प्रस्तावित नगर पंचायत में शामिल किये जाने वाले गांवों और मौजों की चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की.
पुलिस ने समझाकर हटवाया जाम
बाजार बंद और सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया, जिसके बाद सड़क से जाम हटाया गया और आवागमन सामान्य कराया गया.
जनप्रतिनिधियों ने जतायी आपत्ति
प्रस्तावित सीमांकन और मौजों के चयन पर ऐनखा पंचायत के मुखिया रंजीत यादव और जदयू के प्रखंड अध्यक्ष जसवंत कुशवाहा ने भी कड़ी आपत्ति जतायी है. उन्होंने सीमांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कुछ चुनिंदा मौजों को अनुचित लाभ पहुंचाये जाने की आशंका जतायी.
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर पंचायत के गठन में क्षेत्र की वास्तविक जरूरत, भौगोलिक स्थिति और निर्धारित पात्रता को ध्यान में रखा जाना चाहिए. इन पहलुओं की अनदेखी हुई तो भविष्य में क्षेत्र के सुनियोजित विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
बीडीओ बोले- मांग पर किया जायेगा विचार
मामले में दुल्हिन बाजार की अंचलाधिकारी श्वेता सिन्हा से जानकारी लेने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ. वहीं बीडीओ श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत के सीमांकन के लिए जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करने का प्रावधान नहीं है. हालांकि, जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए उनसे विचार-विमर्श किया जायेगा.
