Patna Blinkit Delivery Boy Strike (अजीत कुमार): राजधानी पटना में ऑनलाइन किराना और रोजमर्रा के सामानों की इंस्टेंट डिलीवरी करने वाली मशहूर कंपनी ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) की सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं. पटना के अनीसाबाद स्थित ब्लिंकिट सुपर स्टोर के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिलीवरी कर्मियों का महा-आंदोलन और धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी उग्र रूप से जारी रहा. सैकड़ों की संख्या में जुटे डिलीवरी पार्टनर्स ने स्टोर के मुख्य गेट के बाहर डेरा डाल दिया है और कंपनी प्रबंधन की तानाशाही नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है.
महंगाई की मार: “पेट्रोल-डीजल और टायर के दाम बढ़े, पर हमारी कमाई घटी”
कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बीच धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी डिलीवरी कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन पर शोषण का सीधा आरोप लगाया है. कर्मियों ने बताया कि एक डिलीवरी पार्टनर को रोजाना 15 से 16 घंटे तक सड़कों पर दौड़कर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन उसके बदले उन्हें नाममात्र की आमदनी हो रही है. लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों, गाड़ी के मेंटेनेंस, टायर और इंजन ऑयल के महंगे होने के बावजूद कंपनी ने उनकी बेसिक आय बढ़ाने के बजाय पहले से मिलने वाले कई जरूरी इंसेंटिव (Incentive) को भी या तो बेहद कम कर दिया है या पूरी तरह बंद कर दिया है. इससे उनके सामने परिवार चलाने का बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
आईडी ब्लॉक करने और काम से निकालने की धमकी से और भड़का आक्रोश
डिलीवरी पार्टनर्स ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठानी चाही, तो कंपनी प्रबंधन ने सुधरने के बजाय दमनकारी नीति अपना ली. हड़ताल शुरू होते ही कई आंदोलनकारी कर्मियों की लॉगिन आईडी (ID) को जानबूझकर ब्लॉक कर दिया गया है और कई अन्य को काम से हमेशा के लिए हटाने की सीधी धमकियां दी जा रही हैं. स्टोर मैनेजर और स्थानीय प्रबंधन के इस रवैये ने आग में घी का काम किया है, जिससे कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.
पटना में ऑनलाइन डिलीवरी ठप, उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
ब्लिंकिट डिलीवरी बॉयज की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण पटना के एक बड़े हिस्से में ऑनलाइन ग्रॉसरी और अन्य जरूरी सामानों की होम डिलीवरी सेवा पूरी तरह ठप हो गई है. जो लोग 10 मिनट में सामान मिलने के आदी थे, उन्हें अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ब्लिंकिट को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने दोटूक शब्दों में अपनी मांगें रखते हुए कहा है कि जब तक ब्लॉक की गई सभी आईडी को तत्काल चालू नहीं किया जाता, डिलीवरी शुल्क (कमाई) में सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं होती और इंसेंटिव व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक एक भी डिलीवरी बॉय गाड़ी नहीं उठाएगा. कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन ने जल्द ही टेबल टॉक कर समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को पूरे पटना और बिहार स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी लिखित शिकायत सीधे श्रम विभाग और उच्च अधिकारियों से की जाएगी.
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