पटना. दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर राजधानी में भव्य पूजा पंडालों का निर्माण कार्य तेज हो गया है. आस्था के इस महापर्व में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया है. सोमवार से पूरे पटना जिले में बनने वाले पूजा पंडालों की सघन फायर मैपिंग शुरू की जाएगी. करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत पंडालों की कुल संख्या, क्षेत्रफल, सटीक लोकेशन और आपात स्थिति में दमकल गाड़ियों की निर्बाध पहुंच का तकनीकी आकलन किया जाएगा.
300 वर्ग मीटर से बड़े पंडालों को अनापत्ति जरूरी
जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि सभी पूजा समितियों को अग्निशमन मुख्यालय द्वारा जारी सुरक्षा एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा. नियमों के मुताबिक 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले पंडालों को अग्निशमन विभाग से विधिवत फायर सर्टिफिकेट लेना होगा. इसके साथ ही शार्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचाव के लिए बिजली विभाग से भी सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करना आवश्यक होगा.
5000 वर्ग मीटर के पंडालों पर चिपकेगा घोषणा पत्र
अति संवेदनशील और विशाल पंडालों के लिए विभाग ने कड़े सुरक्षा नियम तय किए हैं. 5000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले महा-पंडालों की समितियों को निर्धारित प्रपत्र में स्व-घोषणा पत्र जमा करना होगा. इस घोषणा पत्र को पंडाल के मुख्य द्वार या किसी प्रमुख स्थान पर सार्वजनिक रूप से चिपकाना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि आम श्रद्धालुओं और प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा इंतजामों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहे.
समितियों के सहयोग से तैनात होंगे फायर वॉलेंटियर
भीड़ प्रबंधन और आगजनी जैसी आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए बड़े पूजा पंडालों में प्रशिक्षित 'फायर वॉलेंटियर' मुस्तैद रहेंगे. पूजा समितियों के सहयोग से चुने गए इन युवाओं को अग्निशमन विभाग द्वारा आग पर शुरुआती काबू पाने और रेस्क्यू ऑपरेशन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील पंडालों में आपात स्थितियों की निगरानी के लिए अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे.
एक सप्ताह में तैयार होगा सुरक्षा का पूरा खाका
अग्निशमन विभाग एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी छोटे-बड़े पंडालों का पूरा डाटाबेस तैयार करेगा. मैपिंग के दौरान यह तय किया जाएगा कि 300 वर्ग मीटर से कम और अधिक क्षेत्रफल वाले कितने पंडाल किस इलाके में स्थापित हो रहे हैं. इसके आधार पर शहर में तैनात दमकल गाड़ियों और संसाधनों की समीक्षा होगी. यदि जिले में उपलब्ध गाड़ियां कम पड़ती हैं, तो मुख्यालय से तालमेल बिठाकर पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त अग्निशमन वाहन और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगाए जाएंगे.
पूजा समितियों को इन नियमों का करना होगा पालन
दुर्घटनामुक्त आयोजन के लिए अग्निशमन विभाग ने पूजा समितियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- 300 वर्ग मीटर से बड़े सभी पंडालों के लिए अग्निशमन विभाग से फायर सर्टिफिकेट प्राप्त करें.
- बिजली विभाग से वायरिंग और लोड का सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र लें.
- 5000 वर्ग मीटर या अधिक क्षेत्रफल वाले पंडालों के लिए अनिवार्य घोषणा पत्र भरें.
- इस घोषणा पत्र को पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सार्वजनिक रूप से चस्पां करें.
- बड़े पंडालों में अग्निशमन विभाग से प्रशिक्षित फायर वॉलेंटियर की तैनाती सुनिश्चित करें.
- पंडाल तक जाने वाले पहुंच मार्गों को पूरी तरह खुला रखें, ताकि दमकल गाड़ियों का रास्ता बाधित न हो.
