Patna Airport पर आया लेटेस्ट अपडेट, 13 विमानों की पार्किंग के लिए एप्रॉन एरिया का किया जा रहा विस्तार

Patna Airport: पटना एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है. पुरानी बिल्डिंग तोड़कर नया एप्रॉन एरिया बनाया जा रहा है. इससे पार्किंग स्पॉट 7 से बढ़कर 13 हो जाएंगे. नए एप्रॉन के बाद एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होगा और उड़ानों की संख्या भी बढ़ सकेगी.

Patna Airport: पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों की पार्किंग की संख्या बढ़ाने को लेकर तैयारी जोरों पर है. एयरपोर्ट की पुरानी बिल्डिंग को तोड़ कर नये एप्रॉन एरिया तैयार किया जा रहा है. इसके तैयार होने जाने के बाद पटना एयरपोर्ट पर एक समय में 13 विमानों की पार्किंग की जा सकेगी.

अभी 7 विमानों के पार्किंग की व्यवस्था

फिलहाल पटना एयरपोर्ट पर एक समय में सात विमानों की पार्किंग की व्यवस्था है. एप्रॉन एरिया बढ़ने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल करने में पहले मुकाबले अधिक सुविधा होगी. एयरपोर्ट ऑथोरिटी के अधिकारियों के मुताबिक अगस्त तक 13 विमानों की पार्किंग की सुविधा विभिन्न एयरलाइंस को मिलेगी. एप्रॉन एरिया विकसित करने के साथ ही आइसोलेशन-वे पीटीटी और रनवे की रीकार्पेटिंग का काम पूरा कर लिया जायेगा.

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ईंधन की भी बचत होगी

नये एप्रॉन के निर्माण और फ्लाइट की पार्किंग की व्यवस्था होने के बाद कम समय में अधिक फ्लाइट की उड़ान क्षमता विकसित होगा. एयरपोर्ट ऑथोरिटी के अनुसार विमानों की पार्किंग क्षमता बढ़ने से ईंधन की भी बचत होगी और यात्रियों को भी अधिक उड़ान की सुविधा प्राप्त होगी.

एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने भी विभिन्न एयरलाइंस को उड़ानों की संख्या बढ़ाने को लेकर अप्रोच कर रहा है. फिलहाल पटना एयरपोर्ट से प्रतिदिन 46 विमान टेकऑफ और 46 विमान लैंड करती है. एप्रॉन एरिया के बढ़ने के बाद करीब 120 फ्लाइट की उड़ान और लैंडिंग की क्षमता विकसित हो जायेगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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