बिहार के अस्पतालों की OPD सेवा 4 घंटे रही ठप्प, बाबा रामदेव के बयान से नाराज डॉक्टरों ने किया विरोध प्रदर्शन

योग गुरू बाबा रामदेव के खिलाफ बिहार के डॉक्टरों ने अपना मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को बिहार के सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी सेवा को पूरी तरह ठप किया गया. चार घंटों के लिए सूबे के डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को बाधित रखा. इस दौरान इमरजेंसी सेवा को चालू रखा गया. इस बंदी का फैसला IMA ने लिया जिसे कई अन्य डॉक्टर संगठनों का भी साथ मिला. आज बिहार के सभी अस्पतालों में चार घंटे ये विरोध जारी रहा.

योग गुरू बाबा रामदेव के खिलाफ बिहार के डॉक्टरों ने अपना मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को बिहार के सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी सेवा को पूरी तरह ठप किया गया. चार घंटों के लिए सूबे के डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को बाधित रखा. इस दौरान इमरजेंसी सेवा को चालू रखा गया. इस बंदी का फैसला IMA ने लिया जिसे कई अन्य डॉक्टर संगठनों का भी साथ मिला. आज बिहार के सभी अस्पतालों में चार घंटे ये विरोध जारी रहा.

गुरूवार को हुई बैठक में डॉक्टरों ने आज शुक्रवार के लिए सुबह साढ़े 8 बजे से लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक ओपीडी सेवा बंद रखने का फैसला लिया था. आज मरीजों को डॉक्टरी सलाह के लिए ओपीडी में चार घंटे इंतजार करना पड़ा. डॉक्टर काला मास्क लगाकर धरना पर बैठे दिखे. बता दें कि बाबा रामदेव के अपमानजनक बयानों एवं डॉक्टरों के विरूद्ध हो रही हिंसा के विरोध में यह प्रोटेस्ट किया गया.

बाबा रामदेव ने एलोपैथी के डॉक्टरों को लेकर जो बयान दिया था वो काफी विवाद में रहा. इसे लेकर डॉक्टरों के बीच काफी रोश है. इस मामले को पूर्व में बाबा रामदेव के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था. वहीं कोरोना संक्रमणकाल में डॉक्टरों के उपर होने वाली हिंसा को लेकर भी संगठन में काफी रोश है. कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए जब कोरोना मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टरों पर मरीज के परिवारजनों के द्वारा हमला किया गया. कई बार निराश डॉक्टरों ने काम भी बंद किया था.


Also Read: Bihar Flood 2021: लगातार बारिश से उफान पर बिहार की नदियां, गंडक खतरे के निशान से ऊपर, जानिए ताजा हाल

शुक्रवार को ओपीडी बंद करने के अभियान में सिनियर और जूनियर दोनों डॉक्टरों ने हिस्सा लिया. डॉक्टरों का कहना है कि जिस समय कोरोना के दूसरे लहर में भीषण संक्रमण के बीच डॉक्टर अपनी जान पर खेलकर अपनी ड्यूटी कर रहे थे उस वक्त ऐसा बयान देना और व्यंग करना उनके हौसले को तोड़ता है. ये एक भद्दा मजाक है. इसे कहीं से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

Posted By: Thakur Shaktilochan

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >