Patna News : 75 फीसदी से कम बच्चों की अपार आइडी बनाने वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक हटेंगे

जिन स्कूलों में 75 प्रतिशत से कम बच्चों की अपार आइडी बनी है, वहां के प्रधानाध्यापकों को हटाया जायेगा. अब तक पटना जिले के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 52 प्रतिशत बच्चों की ही अपार आइडी बन पायी है.

संवाददाता, पटना : जिले के सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की बैठक सोमवार को सिन्हा लाइब्रेरी सभागार में आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने की. बैठक में शामिल प्रधानाध्यापकों को सभी एनरोल्ड बच्चों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंड रजिस्ट्री (अपार आइडी) बनाने पर जोर दिया गया. इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 52 प्रतिशत बच्चों की ही अपार आइडी बन पायी है. यह चिंता का विषय है कि अब भी 48 प्रतिशत बच्चों की अपार आइडी नहीं बन पायी है. उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में 75 प्रतिशत से कम बच्चों की अपार आइडी बनी है, वहां के प्रधानाध्यापकों को हटाया जायेगा और इनके स्थान पर दूसरे शिक्षकों को मौका दिया जायेगा. इसके साथ ही बैठक में इस बात पर गहरी चिंता जाहिर की गयी कि कुछ स्कूलों में नामांकन के नाम पर अभिभावकों से पैसे की डिमांड की जाती है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को कक्षा एक से नौ में नामांकन में पारदर्शिता और ईमानदारी बरतने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अभिभावकों की ओर से ऐसी शिकायत अगर दोबारा मिलती है, तो वहां के प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

पंचायत बदलने के लिए बीइओ से लेनी होगी अनुमति

बैठक में प्रधानाध्यापकों को यह बताया गया कि अगर किसी विद्यार्थी ने कक्षा आठ तक अपनी पंचायत में पढ़ाई की है और कक्षा नौ में दूसरी पंचायत में पढ़ाई करना चाहता है, तो इसके लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा अगर कोई विद्यार्थी दूसरे जिले के स्कूल में पढ़ाई करना चाहता है, तो इसके लिए उस जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुमति लेनी होगी. जो विद्यार्थी लगातार 15 दिनों से स्कूल नहीं आते हैं, उनका नामांकन रद्द किया जायेगा.

स्कूल कैंपस साफ रखने के लिए किया जागरूक

स्कूल कैंपस को साफ-सुथरा रखने और बच्चों में अनुशासन डेवलप करने को लेकर भी जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को जागरूक करते हुए दिशा-निर्देश दिये. कहा कि स्कूल के निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्कूल में गंदगी देखने को मिलती है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग कक्ष के बार दो डस्टबिन रखें. बच्चों को बताएं कि स्कूल परिसर को गंदा नहीं रखना है. प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल में प्रवेश करने से पहले धरती छू कर प्रणाम करने को कहा गया, ताकि बच्चों में भी संस्कार बढ़े और वह घर के बड़े-बुजुर्गों को भी सम्मान दें.

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