NDA के एक तिहाई विधायकों को मिले 50% से अधिक वोट, विपक्ष के किसी को नहीं, देखिये पूरी लिस्ट

NDA MLA Vote Share: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को शानदार जीत मिली और अब भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही है. इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी. आइये जानते NDA विधायकों का कैसा प्रदर्शन रहा.

NDA MLA Vote Share: बिहार विधानसभा चुनाव में 243 विधायकों में 68 ने आधे से अधिक वोट शेयर हासिल किया है. ये सभी एनडीए के विधायक हैं. इनमें सबसे अधिक 36 विधायक भाजपा के हैं, जबकि जदयू के 27, लोजपा-आर के तीन और हम के दो विधायक हैं. इस तरह एनडीए के 33.66 प्रतिशत विधायकों को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले. विपक्ष के किसी भी विधायक को अपनी सीट पर 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिले.

क्या होता है वोट शेयर का मतलब

आम तौर पर वोट शेयर यह बताता है कि कुल वैध मतों में से किसी प्रत्याशी को कितने प्रतिशत वोट मिले. 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर का मतलब होता है कि बहुमत ने उस प्रत्याशी को पसंद किया. हालांकि, कानून के अनुसार चुनाव वही जीतता है, जिसके पास सबसे ज्यादा वोट होते हैं, भले ही उसका प्रतिशत जो भी हो.

भाजपा के सबसे अधिक हाइ-मैंडेट विजेता

चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, भाजपा के कुल 89 विधायक जीते हैं, जिनमें से 36 यानी 40.45 प्रतिशत विधायकों को 50 से अधिक वोट मिले हैं. भाजपा के सिर्फ दो विधायक ही ऐसे रहे, जिन्हें 40 प्रतिशत से कम वोट मिले. इनमें कैमूर जिले के मोहनिया की संगीता कुमारी (39.98%) और सीतामढ़ी जिले के परिहार की गायत्री देवी (39.36%) शामिल हैं.

पटना के बांकीपुर के विधायक नितिन नवीन ने 62.66% वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी जीत दर्ज की. उन्हें 1.56 लाख में से 98,299 वोट मिले. राजद की रेखा कुमारी 30 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं.

जदयू दूसरे स्थान पर

भाजपा के बाद जदयू के 85 में से 27 यानी 32 प्रतिशत विधायकों को 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिले. सिर्फ पांच सीटों पर पार्टी का वोट शेयर 40% से नीचे रहा. पार्टी में सबसे अधिक वोट शेयर राजगीर से कौशल किशोर का रहा, जिन्हें 57.87% वोट मिले. धमदाहा सीट पर लेशी सिंह ने 57.32% वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं.

लोजपा की संगीता ने महज 29% वोट शेयर के साथ जीता

लोजपा-आर के जिन तीन विधायकों ने 50% से अधिक वोट हासिल किये हैं, उनमें बाबूलाल शौर्य (55.18%), राजीव रंजन सिंह (54.29%) और राजू तिवारी (52.55%) शामिल हैं. पार्टी के 19 में से 13 विधायकों का वोट शेयर 40-49% के बीच रहा, जबकि एक की हिस्सेदारी 30% से कम रही.

कटिहार जिले की बलरामपुर सीट से संगीता देवी ने महज 29% वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की. यह चुनाव का सबसे कम वोट शेयर वाला परिणाम रहा. उन्हें 2.77 लाख में से 80,459 वोट मिले.

एआइएमआइएम के मोहम्मद आदिल हसन (80,070 वोट) उनसे सिर्फ 389 वोट पीछे रहे, जबकि माले के महबूब आलम 1,318 वोट पीछे थे. राष्ट्र्रीय लोक मोर्चा के चार विधायकों का वोट शेयर 42% से 47% के बीच रहा.

अधिकतर विजेता 40–49% रेंज में

पूरे बिहार में सिर्फ एक विधायक 30% से कम वोट शेयर के साथ जीता, जबकि 16 ने 30–39% वोट के बीच जीत हासिल की. सबसे अधिक 159 विधायकों का वोट शेयर 40–49% के बीच रहा. इनमें 114 ने 45–49% के बीच वोट पाये. यह दिखाता है कि भाजपा और जदयू के हाइ-मैंडेट सीटें जीतने के बावजूद राज्य में ज्यादातर मुकाबले बेहद कड़े रहे.

विपक्षी दलों का प्रदर्शन

राजद के 25 विधायकों ने 35% से लगभग 50% तक के वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की. जमुई जिले की चकाई सीट से सावित्री देवी ने 34.51% वोट के साथ जीत हासिल की. पार्टी में सबसे अधिक वोट शेयर तेजस्वी यादव का रहा, जिन्हें राघोपुर में 49.74% वोट मिले. वहीं, सारण की परसा सीट पर करिश्मा को 49.16% वोट मिले. कांग्रेस के छह विधायकों का वोट शेयर 38% से 48% के बीच रहा.
50% से अधिक वोट पाने वाले प्रत्याशी

क्रम- विजेता- सीट- वोट शेयर

जदयू

  1. नरेंद्र नारायण यादव- आलमनगर- 53.98%
  2. रामचंद्र सदा- अलौली- 51.94%
  3. जयंत राज- अमरपुर- 53.51%
  4. जितेंद्र कुमार- अस्थावां- 52.13%
  5. मनोज यादव- बेलहर- 50.66%
  6. निरंजन कुमार मेहता- बिहारीगंज- 52.12%
  7. लेशी सिंह- धमदाहा- 57.32%
  8. मनीष कुमार- धोरैया- 51.21%
  9. बुलो मंडल- गोपालपुर- 56.75%
  10. हरिनारायण सिंह- हरनौत- 55.66%
  11. रुहैल रंजन- इस्लामपुर- 53.55%
  12. शुभानंद मुकेश- कहलगांव- 51.9%
  13. अजीत कुमार- कांटी- 50.43%
  14. बबलू कुमार- खगड़िया- 51.29%
  15. अमरेंद्र कुमार पांडेय- कुचायकोट- 50.21%
  16. अतिरेक कुमार- कुशेश्वरस्थान- 52.25%
  17. अजय कुमार- मीनापुर- 51.59%
  18. श्रवण कुमार- नालंदा- 52.77%
  19. अनिरुद्ध प्रसाद यादव- निर्मली- 53.28%
  20. नागेंद्र चंद्रवंशी- नोखा- 51.12%
  21. महेंद्र राम- राजापाकड़- 52.31%
  22. कौशल किशोर- राजगीर- 57.87%
  23. कलाधर प्रसाद मंडल- रूपौली- 55.45%
  24. रणधीर कुमार सोनी- शेखपुरा- 50.77%
  25. ललित नारायण मंडल- सुल्तानगंज- 51.81%
  26. विजेंद्र प्रसाद यादव- सुपौल- 52.16%
  27. प्रो नगेंद्र राउत- सुरसंड- 50.04%

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भाजपा

  1. संजय सिंह टाइगर- आरा- 50.98%
  2. रमा निषाद- औराई- 50.06%
  3. कुंदन कुमार- बेगूसराय- 52.31%
  4. नितिन नवीन- बांकीपुर- 62.66%
  5. कृष्ण कुमार ऋषि- बनमंखी- 57.26%
  6. सियाराम सिंह- बाढ़- 52.51%
  7. अनिल कुमार- बथनाहा- 57.47%
  8. रोहित पांडेय- भागलपुर- 51.11%
  9. डॉ सुनील कुमार- बिहारशरीफ- 50.83%
  10. कुमार शैलेंद्र- बिहपुर- 52.39%
  11. रामकृपाल यादव- दानापुर- 54.41%
  12. संजीव चौरसिया- दीघा- 56.59%
  13. प्रेम कुमार- गया- 54.43%
  14. अवधेश सिंह- हाजीपुर- 50.27%
  15. जीवेश कुमार- जाले- 50.16%
  16. श्रेयसी सिंह- जमुई- 57.02%
  17. नीतीश कुमार- झंझारपुर- 55.89%
  18. तारकिशोर प्रसाद- कटिहार- 50.52%
  19. कविता देवी- कोढ़ा- 51.82%
  20. संजय कुमार- कुम्हरार- 57.91%
  21. संजय कुमार सिंह- लालगंज- 53.14%
  22. विनय बिहार- लौरिया- 50.36%
  23. कुमार प्रणय- मुंगेर- 51.12%
  24. रंजय कुमार- मुजफ्फरपुर- 53.43%
  25. संजय कुमार पांडेय- नरकटियागंज- 50.86%
  26. लखेंद्र कुमार रौशन- पातेपुर- 51.71%
  27. रत्नेश कुमार- पटना साहिब- 55.44%
  28. मुरारी पासवान- पीरपैंती- 56.81%
  29. विजय कुमार खेमका- पूर्णिया- 54.79%
  30. सुजीत कुमार- राजनगर- 56.79%
  31. नंदकिशोर राम- रामनगर- 54.13%
  32. बैद्यनाथ प्रसाद- रीगा- 54.11%
  33. बीरेंद्र कुमार- रोसड़ा- 55.02%
  34. विजय कुमार मंडल- सिकटी- 50.56%
  35. रजनीश कुमार- तेघड़ा- 53.04%
  36. सम्राट चौधरी- तारापुर- 56.77%

लोजपा-आर

  1. राजीव रंजन सिंह- डेहरी- 54.29%
  2. राजू तिवारी- गोविंदगंज- 52.55%
  3. बाबूलाल शौर्य- परबत्ता- 55.18%

हम

  1. रोमित कुमार- अतरी- 51.66%
  2. दीपा कुमारी- इमामगंज- 50.83%

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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