एनटीए : जेइइ मेन पर उठे सवाल, सीबीआइ और साइबर फोरेंसिक लैब करेगी जांच

जेइइ मेन एक बार फिर से जांच के घेरे में है. इसको लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने सीबीआइ जांच के साथ-साथ राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब (एनसीएफएल) को जांच का निर्देश दिया है

-अंकों की हेराफेरी का आरोप

संवाददाता, पटना

जेइइ मेन एक बार फिर से जांच के घेरे में है. इसको लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने सीबीआइ जांच के साथ-साथ राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब (एनसीएफएल) को जांच का निर्देश दिया है. यह आदेश उम्मीदवारों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया. परीक्षार्थियों ने दावा किया कि उनके जेइइ मेन सेशन-1 के स्कोर कार्ड में गड़बड़ी की गयी है. स्कोर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) एक बार फिर सवालों के घेरे में है. परीक्षा में कथित अनियमितताओं और तकनीकी गड़बड़ियों के आरोपों के बाद सीबीआइ और साइबर फोरेंसिक टीमों को जांच में लगा दिया है. वहीं, शिक्षा मंत्रालय भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए नजर बनाये हुए है. सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष की जेइइ मेन के दौरान कुछ छात्रों को बेहद कम समय में असामान्य रूप से उच्च अंक मिलने की बात सामने आयी है. सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों ने सवाल उठाये हैं कि परीक्षा के कुछ केंद्रों पर तकनीकी सहायता दी गयी, जबकि कई जगह सर्वर डाउन रहने से छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा.

29 मई तक सीलबंद रिपोर्ट सौंपने को कहा है:

न्यामूर्ति विकास महाजन की पीठ ने एनसीएफएल के निदेशक को जांच में तेजी लाने और 29 मई तक एक सीलबंद रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जेइइ एडवांस्ड 2025 का रिजल्ट दो जून को घोषित होने वाला है. कोर्ट ने एनसीएफएल को यह भी अनुमति दी कि वह एनटीए से जांच से संबंधित किसी भी अतिरिक्त जानकारी या रिकॉर्ड की मांग कर सकती है.

आरोप : शुरू में एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड किये गये स्कोर कार्ड अब उपलब्ध नहीं

हैं

एनटीए ने प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खामियों को स्वीकार किया है, लेकिन किसी भी तरह अंकों की हेराफेरी से इन्कार किया है. वहीं, कई स्टूडेंट्स ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब जेइइ मेन जैसे एग्जाम पर भरोसे को लेकर सवाल उठे हैं. छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा होता है. यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी साबित हुई, तो सख्त कार्रवाई की जायेगी. वहीं, सीबीआइ की एक विशेष टीम अब उन केंद्रों की गतिविधियों की जांच कर रही है, जहां अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं. साथ ही छात्रों के लॉग-इन डेटा, आइपी ऐड्रेस, और ब्राउजर रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके सेशन-1 के स्कोर कार्ड में हेरफेर किया गया है. शुरु में एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड किये गये स्कोर कार्ड अब उपलब्ध नहीं है. उनकी जगह गलत स्कोर वाले स्कोर कार्ड अपलोड कर दिये गये. दूसरी ओर, एनटीए ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि स्कोर कार्ड में कोई हेरफेर नहीं हुआ है.

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By ANURAG PRADHAN

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