बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार का सहरसा में घेराव, गाड़ी के आगे लेट गए सफाई कर्मी

Bihar Politics: सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का काफिला स्थानीय स्वच्छता कर्मियों के विरोध प्रदर्शन में फंस गया. वेतन कटौती और सुविधाओं की कमी को लेकर नाराज कर्मियों ने वाहन के सामने लेटकर मंत्री के आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई.

Bihar Politics: सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शुक्रवार को आयोजित एनडीए विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन से लौटते समय बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का काफिला अचानक स्थानीय स्वच्छता कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के कारण फंस गया. हाई स्कूल के ग्राउन्ड में भाषण देने के बाद जैसे ही मंत्री मंच से वाहन की ओर बढ़े, तभी पहले से जमा स्वच्छता कर्मियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. कुछ कर्मी वाहन के सामने लेट गए, जबकि कई गाड़ी के किनारों से चिपक गए, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई.

मंत्री श्रवण कुमार ने स्थिति को भांपते हुए तेजी से वाहन पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के बीच गाड़ी को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया. मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पंद्रह मिनट की मशक्कत के बाद काफिला सुरक्षित आगे बढ़ सका.

स्वच्छता कर्मियों की मांगें और नाराजगी

प्रदर्शन में शामिल कर्मियों का आरोप था कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. उनका कहना था कि पहले उन्हें नियमित रूप से वेतन मिलता था, लेकिन अब मानदेय घटाकर असमान्य रूप से कम कर दिया गया है. इसके अलावा, महीनों से समय पर भुगतान न होने, स्वास्थ्य बीमा और सुरक्षा सामग्री जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी वे नाराज थे.

स्वच्छता कर्मियों ने स्पष्ट किया कि वे स्थायीकरण, मानदेय पूर्ववत नियमित भुगतान और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है.

सम्मेलन और राजनीतिक संदर्भ

यह विरोध प्रदर्शन उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित एनडीए विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान हुआ. सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे. भाषण में मंत्री श्रवण कुमार ने संगठन को मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है. पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया, लेकिन स्वच्छता कर्मियों की नाराजगी और उनके प्रदर्शन ने सरकारी नीतियों और कर्मचारियों के अधिकारों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

Also Read: कॉन्स्टिट्यूशन क्लब चुनाव पर रूडी को संजीव बालियान की चेतावनी, बोले- अब छेड़ोगे तो बता दूंगा…

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >