नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, 27 लाख छात्रों को होगा सीधा फायदा, सरकार खर्च करेगी 519 करोड़

Nitish Cabinet: नीतीश कैबिनेट ने बिहार के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और मेधावृत्ति योजनाओं में बड़े बदलाव किए हैं. सरकार ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति राशि बढ़ा दी है और मेधावृत्ति के लिए पारिवारिक आय सीमा को 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया है. इससे लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा.

Nitish Cabinet: नीतीश कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को छात्रों के हित में दो बड़े फैसले लिए गए. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और मेधावृत्ति योजनाओं में बदलाव किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ मिल सके.

कितना फायदा होगा

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2025–26 से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि बढ़ा दी गई है. कक्षा 1 से 4 के छात्रों को अब 1200 रुपये सालाना, कक्षा 5 से 6 तक 2400 रुपये और कक्षा 7 से 10 तक 3600 रुपये सालाना छात्रवृत्ति मिलेगी. कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी छात्रों को 6000 रुपये सालाना दिए जाएंगे. इससे करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा. इस योजना पर सरकार करीब 519 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

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मेधावृत्ति योजना में बड़ा बदलाव

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना में बड़ा बदलाव किया है. 2026–27 से इस योजना के लिए पारिवारिक आय की सीमा बढ़ा दी गई है. पहले यह सीमा 1.50 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है. इससे ज्यादा छात्रों को मेधावृत्ति का लाभ मिल सकेगा. इस योजना के लिए सरकार ने करीब 117.98 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च को मंजूरी दी है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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