Bihar Cabinet: पटना के बांकीपुर बस स्टैंड में बनेगा फाइव स्टार होटल, नीतीश कैबिनेट ने दी मंजूरी

Bihar Cabinet: पटना के बांकीपुर बस स्टैंड परिसर में फाइव स्टार होटल बनाने की मंजूरी मिल गई है. बिहार सरकार ने पीपीपी मॉडल पर यह प्रोजेक्ट कोलकाता की SARGA होटल प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है. लगभग 18 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह होटल बनेगा.

Bihar Cabinet: चुनाव से ठीक पहले बिहार की नीतीश सरकार ने पटना के बांकीपुर बस स्टैंड कैंपस में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत फाइव स्टार होटल के निर्माण को मंजूरी दी है. शुक्रवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. यह होटल लेटेस्ट सुविधाओं से लैस होगा. इससे राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को हाई लेवल सुविधा मिल सकेगी.

कैसे बढ़ेगा होटल निर्माण का काम

टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने इस प्रोजेक्ट की टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इसमें कोलकाता की SARGA होटल प्राइवेट लिमिटेड ने सफल बोली लगाई है. निगम ने कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी कर दिया है. इसके तहत कंपनी को 3.24 एकड़ भूमि 90 वर्षों की अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी.

समझौते के अनुसार निवेशक को लीज पर ली गई भूमि का न्यूनतम पंजीकृत मूल्य (Minimum Valuation Register) का भुगतान 11 वर्षों में इंटरेस्ट समेत करना होगा. इसके अलावा कंपनी को 18 करोड़ 60 लाख रुपये लाइसेंस प्रीमियम के रूप में जमा करने होंगे. यह राशि रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल और लाइसेंस अग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार सालाना चुकाई जाएगी.

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रोजगार के नए अवसर बनेंगे

टूरिज्म डिपार्टमेंट का कहना है कि इस होटल के बनने से न केवल पटना में बल्कि पूरे बिहार में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा. हाई लेवल की लेटेस्ट सुविधा मिलने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. होटल खुलने से लोकल स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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