पटना हॉस्टल कांड: सम्राट चौधरी ने DGP से लेकर SP तक से पूछा सवाल- देरी क्यों? अफसरशाही रवैया छोड़ें

NEET Student Death Case: नीट छात्रा मौत मामले में जांच में सुस्ती को लेकर गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने DGP से लेकर SP तक से सवाल किया. साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि अफसरशाही रवैया छोड़ें और फील्ड में निकलें. कोई भी लापरवाह अधिकारी नहीं बचेगा.

NEET Student Death Case: ‘छात्रा को पूरा न्याय दिया जाएगा. एक भी दोषी बच नहीं पाएगा. कोई भी लापरवाह अधिकारी नहीं बचेगा.’ यह बात डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कही. घटना की जांच में हो रही देरी पर गृह मंत्री ने DGP से लेकर SP पटना तक से सवाल किए. मामले की जांच कर रही एसआईटी को आईजी लेवल के अधिकारी लीड कर रहे हैं. डीजीपी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं. इसके बाद भी एम्स पटना के मेडिकल बोर्ड को अधूरे डॉक्यूमेंट्स मिल रहे.

सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही डीजीपी विनय कुमार को मामले की सीधी निगरानी करने और जल्द खुलासा कर छात्रा को न्याय दिलाने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद अब तक न तो मामले का खुलासा हो सका है और न ही जांच किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई.

पुलिसकर्मियों को दिया गया ये आदेश

गृह मंत्री ने डीजीपी से लेकर एसपी पटना तक से सवाल पूछने के साथ उन्हें आदेश भी दिया. सम्राट चौधरी ने कहा, न्याय केवल कागजों में नहीं, बल्कि हकीकत में दिखना चाहिए. अफसरशाही वाला रवैया छोड़कर फील्ड में निकलें.

रविवार को तारापुर में भी सम्राट चौधरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दिखें. जमीन के मामले और घूसखोरी को लेकर उन्होंने कहा था, मैं गृह मंत्री हूं सबका इलाज करता हूं और सब रिपोर्ट भी रखता हूं. कौन कहां गड़बड़ कर रहा है, सब पता है. समय का इंतजार करिए, एक-एक आदमी को अंदर डालूंगा. थानेदार, बीडीओ और सीओ – जो भी गड़बड़ी करेगा, उसकी रिपोर्ट सरकार को जानी शुरू हो चुकी है. कोई बचने वाला नहीं है.

मामले में साआईडी ने शुरू की जांच

मामले में अब सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है. छात्रा के कपड़े पर मिले स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है. इस प्रोफाइल में हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन सहित 15 लोग शामिल हैं. इन सभी का एक के बाद एक करके डीएनए टेस्ट कराया जायेगा और उसका छात्रा के कपड़े पर मिले स्पर्म से मिलान किया जायेगा.

छात्रा के पिता ने क्या कहा था?

छात्रा के परिजनों ने हॉस्टल संचालक, हॉस्पिटल और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे. साथ ही पिता ने कहा था कि घटना की अगर सही तरीके से जांच हुई तो इसमें कई बड़े लोग फंसेंगे. SIT केस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. SIT की जांच पर भरोसा नहीं है. बार-बार परिजनों को ही टॉर्चर किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे पटना में आत्मदाह करेंगे. ऐसे में अब सीआईडी की जांच में क्या खुलासे होंगे, यह देखने वाली बात होगी.

Also Read: प्रशांत किशोर ने पटना हॉस्टल कांड में SIT और थानाध्यक्ष निलंबन का लिया श्रेय, अब सड़क से सरकार को घेरने की तैयारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >