NEET Student Death Case: ‘घटना की अगर सही तरीके से जांच हुई तो इसमें कई बड़े लोग फंसेंगे. SIT केस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. बार-बार परिजनों को ही टॉर्चर किया जा रहा है.’ यह आरोप नीट छात्रा के परिजनों ने लगाया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद छात्रा के पिता ने कहा, सबकी मिली भगत है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. परिजनों ने हॉस्टल संचालक, हॉस्पिटल और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
छात्रा के पिता ने क्या दी चेतावनी?
छात्रा के पिता ने यह भी बताया कि उन्हें SIT की जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे पटना में आत्मदाह करेंगे. उन्होंने घटना के बाद पटना में सीसीटीवी फुटेज गायब होने को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही सख्त कदम उठाए जाते, तो सच्चाई बहुत पहले सामने आ जाती.
थाना प्रभारी और दारोगा को क्यों किया सस्पेंड?
घटना में जांच के बीच लापरवाही बरतने को लेकर चित्रगुप्तनगर की थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के दारोगा हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया गया. दोनों पर आरोप है कि समय पर सूचना मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की. मामले की गंभीरता को शुरुआत में ही नजरअंदाज किया गया.
छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह मामला सामने आने के बाद पटना समेत पूरे बिहार में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के नेता भी खड़े कर रहे हैं. खासकर कोचिंग हब के रूप में पहचाने जाने वाले इलाकों में चल रहे गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर अब बहस तेज हो गई है. परिजनों, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
