NEET री-एग्जाम में बड़ा खेल, गया मेडिकल कॉलेज का छात्र निकला सॉल्वर गैंग का सेटर

NEET Re exam Scam: NEET री-एग्जाम में लखीसराय से सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने तीन एग्जाम सेंटर से नौ डमी कैंडिडेट गिरफ्तार किये हैं. गया मेडिकल कॉलेज के छात्र अर्पित राज पर गैंग का सेटर होने का आरोप है. मामले में असली अभ्यर्थी संजीत कुमार और 18 बायोमेट्रिक कर्मी भी गिरफ्तार हुए हैं.

NEET Re exam Scam: NEET री-एग्जाम में फर्जी कैंडिडेट को बैठाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों से नौ डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया गया है. ये लोग असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे. पुलिस मुख्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रविवार को हुई NEET की पुनर्परीक्षा में लखीसराय में सॉल्वर गैंग एक्टिव था.

तीन केंद्रों से नौ डमी कैंडिडेट गिरफ्तार

एडीजी ने बताया कि लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों से नौ डमी कैंडिडेट पकड़े गये हैं. ये सभी दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे. पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में असली अभ्यर्थी संजीत कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है. संजीत कुमार की जगह एक डमी कैंडिडेट परीक्षा देने पहुंचा था.

गया मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज बना था सेटर

पुलिस के अनुसार गया मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज इस पूरे मामले का सेटर था. वह असली अभ्यर्थियों और सॉल्वर के बीच संपर्क कराने का काम कर रहा था. पुलिस ने अर्पित राज को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और परीक्षा देने के बदले कितनी रकम तय की गई थी.

18 बायोमेट्रिक कर्मी भी गिरफ्तार

NEET परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की जिम्मेदारी संभालने वाले 18 कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को शक है कि इन कर्मियों की मदद से डमी कैंडिडेट परीक्षा केंद्रों के अंदर पहुंचे. पुलिस बायोमेट्रिक कर्मियों से पूछताछ कर रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फर्जी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कैसे हुआ और उन्हें परीक्षा देने की अनुमति कैसे मिली.

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच करेंगे शाहाबाद रेंज के डीआईजी

एडीजी सुधांशु कुमार ने भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. उन्होंने कहा कि 16 तारीख को अभियुक्त को ठीक से हैंडल नहीं किया गया. इस मामले में लापरवाही सामने आने पर एक एसएचओ, दो सब इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच शाहाबाद रेंज के डीआईजी करेंगे. इसके अलावा मामले की न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन किया गया है. हाईकोर्ट के रिटायर जज भी इस मामले की जांच करेंगे.

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By Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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