जून 2026 तक पूरा हो जायेगा मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन, मुंगेर, खगड़िया और भागलपुर को मिलेगी शानदार कनेक्टिविटी

Munger-Mirzachowki four lane: मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क परियोजना बिहार के यातायात नेटवर्क को मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण योजना है. 124 किमी लंबी यह सड़क जून 2026 तक बनकर तैयार होगी. इसके निर्माण से मुंगेर, भागलपुर, खगड़िया, सहरसा, बेगूसराय और झारखंड के बीच आवागमन आसान हो जायेगा.

Munger-Mirzachowki four lane: बिहार में मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क का निर्माण जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है. पहले इस सड़क का निर्माण जुलाई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय था. इस सड़क का निर्माण करीब 124 किमी लंबाई में करीब 3792 करोड़ रुपये की लागत से चार चरणों में हो रहा है. इस सड़क के बनने से मुंगेर से भागलपुर और मिर्जाचौकी तक आवागमन में सुविधा होगी. खगड़िया से सहरसा और बेगूसराय तक की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. इस सड़क के बनने से मुंगेर से कहलगांव, पीरपैंती और झारखंड जाना भी आसान हो जायेगा.

प्रोजेक्ट के बारे में जानिए

इस सड़क के पहले चरण में मुंगेर से खैरा तक करीब 26.064 किमी लंबाई में 981 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बन रही है. इसमें जमीन अधिग्रहण का मुआवजा देने की गति धीमी थी. उसे लगभग दूर कर लिया गया है. इसके बाद सड़क के इस हिस्से का निर्माण तेजी से हो रहा है.

दूसरे चरण में खैरा से भागलपुर बाइपास की शुरुआत तक करीब 29.42 किमी लंबाई में 902 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण जारी है. इसके साथ ही तीसरे चरण में भागलपुर बाइपास की शुरुआत से रसूलपुर तक करीब 32.35 किमी लंबाई में करीब 1017 करोड़ की लागत से सड़क बन रही है. चौथे चरण में रसूलपुर से मिर्जाचौकी तक करीब 36.58 किमी लंबाई में 892 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण हो रहा है.

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क्षेत्र में मिलेगा कई फायदा

निर्माण कार्य NHAI की निगरानी में Gawar Construction Limited द्वारा किया जा रहा है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने से अब निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है. इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र के विकास, व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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