अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था मुंगेर रेल-सड़क पुल का शिलान्यास, जयंती पर नहीं हो सकेगा गंगा ब्रिज का शुभारंभ

मुंगेर में गंगा पर बने रेल सह सड़क पुल का शुभारंभ अब फिलहाल टाल दिया गया है. तमाम तैयारियां पूरी होने के बाद भी सड़क पुल का लोकार्पण टाला गया है. अब अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इसका लोकार्पण नहीं हो सकेगा.

मुंगेर गंगा सड़क पुल का लोकार्पण कार्यक्रम अंतिम समय में फिलहाल टाल दिया गया है. 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती के दिन यह ऐतिहासिक कार्यक्रम रखा गया था लेकिन ठीक एक दिन पहले इसे अगली तिथि के लिए टाल दिया गया. सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी मुंगेर गंगा सड़क पुल का लोकार्पण करने वाले थे.

बुधवार की रात को मुंगेर की ओर से गंगा पुल और एप्रोच रोड को जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया था. पुल को चालू करने के लिए अंतिम टच से लेकर अधिकारियों के निरिक्षण तक की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी. गुरुवार को निर्माण एजेंसी के द्वारा युद्ध स्तर पर काम किया गया. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर हेलीपैड को तैयार किया गया लेकिन तमाम तैयारी के बाद भी अब इस पुल का लोकार्पण 25 दिसंबर को नहीं हो सकेगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब इस पुल का लोकार्पण 15 जनवरी के बाद हो सकता है.

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता रहे स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के दिन ही इस पुल का लोकार्पण कराने की तैयारी थी. दरअसल इस पुल का तोहफा अटल बिहारी वाजपेयी ने ही 2002 में दिया था. 26 दिसंबर 2002 करे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही इस रेल सह सड़क पुल का शिलान्यास किया था. दिल्ली से रिमोट के जरिये उन्होंने शिलान्यास किया था.

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12 मार्च 2016 को मुंगेर में गंगा पर बने रेल पुल को राष्ट्र को समर्पित किया गया था. लेकिन सड़क पुल को चालू नहीं किया जा सका था. जमीन अधिग्रहण से लेकर कई अड़चनें सामने आती रहीं. एप्रोच रोड़ को लेकर भी स्थिति सामान्य नहीं थी. लागत मूल्य भी 927 करोड़ से बढ़ कर 2774 करोड़ रुपये कर दी गई. 18 साल के लंबे इंतजार के बाद अब गंगा पुल से एप्रोच पथ को कनेक्ट कर दिया गया और सड़क पुल भी तैयार हो गया. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के दिन इसका शुभारंभ नहीं हो सका.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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