पान मसाला व तंबाकू के सेक्टर में जीएसटी चोरी के आ रहे अधिक मामले

पान मसाला व तंबाकू के सेक्टर में जीएसटी चोरी के अधिक मामले आने लगे हैं. इसको देखते हुए पान मसाला व तंबाकू निर्माताओं के लिए विशेष निबंधन और जीएसटी फाइलिंग का प्रावधान जीएसटी कानून के तहत किया गया है.

कर चोरी रोकने के लिए पान मसाला व तंबाकू निर्माताओं के लिए विशेष निबंधन व मासिक जीएसटी रिटर्न फाइलिंग का किया गया प्रावधान संवाददाता,पटना पान मसाला व तंबाकू के सेक्टर में जीएसटी चोरी के अधिक मामले आने लगे हैं. इसको देखते हुए पान मसाला व तंबाकू निर्माताओं के लिए विशेष निबंधन और जीएसटी फाइलिंग का प्रावधान जीएसटी कानून के तहत किया गया है. अगर पान मसाला, गुटखा और इसी तरह के तंबाकू उत्पादों की कंपनी पैकिंग मशीनरी को जीएसटी अधिकारियों के साथ रजिस्टर नहीं करवाती है, तो उन्हें इसके लिए जुर्माना देना होगा. विशेष निबंधन की प्रक्रिया पान-मसाला, ब्रांड नाम के साथ या उसके बिना, ””हुक्का”””” या ””गुडाकू”” तंबाकू, पाइप और सिगरेट के लिए धूम्रपान मिश्रण, चबाने वाले तंबाकू (चूने की ट्यूब के बिना),फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू, नसवार और ब्रांडेड या गैर-ब्रांडेड ””गुटखा”” आदि के निर्माताओं के लिए लागू होगी. तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से फॉर्म जीएसटी एसआरएम-1 में पैकेज भरने और पैकिंग के लिए उपयोग की जाने वाली पैकिंग मशीनों का विवरण देना होगा. उल्लेखनीय है कि तंबाकू की पत्तियों को छोड़ कर सभी प्रकार के पान मसालाें और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दर 28 फीसदी है.

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