पटना में मुख्य पार्षदों का जुटान, सरकार के सामने रखीं ये मांगें; अधिकार और सुरक्षा पर जोर दिया

बिहार के नगर निकायों के मुख्य पार्षदों ने अपने अधिकारों, वित्तीय शक्तियों, सुरक्षा और स्वायत्तता को लेकर राज्यस्तरीय संगोष्ठी में अपनी एकजुटता दिखाई. सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें सशक्त स्थायी समिति के अधिकार, संयुक्त हस्ताक्षर का अधिकार और सरकारी वाहन व सुरक्षा शामिल हैं.

Meeting of the Chief Councilors' Federation : बिहार के नगर निकायों के निर्वाचित मुख्य पार्षदों के अधिकार, वित्तीय शक्तियां, सुरक्षा और नगर निकायों की स्वायत्तता को लेकर सोमवार को पटना के विद्यापति भवन में मुख्य पार्षद महासंघ की राज्यस्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें राज्य के विभिन्न नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों से बड़ी संख्या में मुख्य पार्षद, उनके प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष कुमार राघवेंद्र राघव ने की.

अधिकार और जिम्मेदारी स्पष्ट करने पर जोर

संगोष्ठी में विभिन्न नगर निकायों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में काम करने के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को रखा. उनका कहना था कि शहरों के विकास और लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्वाचित मुख्य पार्षदों को उनके वैधानिक अधिकार प्रभावी रूप से मिलना जरूरी है.

अध्यक्ष कुमार राघवेंद्र राघव के नेतृत्व में मुख्य पार्षदों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी के साथ उनके अधिकार भी स्पष्ट होने चाहिए, ताकि नगर निकायों का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से हो सके.

सशक्त स्थायी समिति के अधिकार का मुद्दा उठा

महासंघ के महासचिव किरण उपाध्याय ने सशक्त स्थायी समिति के अधिकार, मुख्य पार्षद की भूमिका और प्रशासनिक व्यवस्था में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी से जुड़े मुद्दे उठाये. उन्होंने कहा कि नगर निकायों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका मजबूत किये बिना शहरी विकास को अपेक्षित गति देना मुश्किल है.

निकायों के संचालन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा

महासंघ की सचिव डेजी कुमारी और सचिव-सह-मीडिया प्रभारी सचिन गुप्ता ने भी संगठन से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी. वहीं खगड़िया नगर परिषद की सभापति एवं महासंघ की कोषाध्यक्ष अर्चना कुमारी ने नगर निकायों के संचालन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर चर्चा की.

सरकार के सामने रखीं सात प्रमुख मांगें

संगोष्ठी में महासंघ की ओर से सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखी गयीं. इनमें सशक्त स्थायी समिति के अधिकारों को प्रभावी और स्पष्ट करने की मांग प्रमुख रही. इसके अलावा मुख्य पार्षद को नगर निकाय के चेक पर संयुक्त हस्ताक्षर का अधिकार देने, भुगतान प्रक्रिया में आवश्यक वित्तीय अधिकार और डोंगल सुविधा उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की समितियों में मुख्य पार्षद की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गयी.

वाहन, सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस की भी मांग

महासंघ ने नगर पंचायतों के मुख्य पार्षदों को नगर निगम और नगर परिषद की तर्ज पर सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की. इसके साथ ही मुख्य पार्षदों की सुरक्षा मजबूत करने, आवश्यकता के अनुसार अंगरक्षक उपलब्ध कराने तथा पात्रता और आवश्यकता के आधार पर शस्त्र अनुज्ञप्ति की प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की मांग भी उठायी गयी.

जनप्रतिनिधियों की भूमिका मजबूत करने पर जोर

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर निकाय लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. शहरों में विकास कार्यों को गति देने के लिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अधिकार एवं जिम्मेदारी की स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है. संगोष्ठी के माध्यम से सरकार से मुख्य पार्षदों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक नीतिगत और विभागीय निर्णय लेने का आग्रह किया गया.

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में महासंघ के उपाध्यक्ष निलेश कुमार, महासचिव किरण उपाध्याय, सचिव-सह-मीडिया प्रभारी सचिन गुप्ता, संयुक्त सचिव अमित कुमार, सचिव डेजी कुमारी और कोषाध्यक्ष अर्चना कुमारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे. खगड़िया से नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा, पटना मेयर प्रतिनिधि शिशिर कुमार, मनोज उपाध्याय सहित बिहार के विभिन्न नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

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राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता की शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम, खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.

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मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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