Patna News : मसौढ़ी में 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है. बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के नेतृत्व में मंगलवार को मसौढ़ी में हुई बैठक के बाद सफाई कर्मियों ने शहर में मार्च निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया.
आज जिला मुख्यालय का होगा घेराव
बैठक में निर्णय लिया गया कि बुधवार, 5 अगस्त को पटना जिला मुख्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा. इस दौरान सफाई कर्मियों ने "सरकारी दर्जा दो" और "ठेका प्रथा बंद करो" जैसे नारे लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की.
सरकारी दर्जा और 26 हजार मानदेय की मांग
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांगों में सभी सफाई मजदूरों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना, न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक मानदेय, पीएफ, ईएसआई, बोनस, सवैतनिक अवकाश, वर्दी, जूता तथा अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है.
'मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा और व्यापक'
संघ के नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें आज भी कम मानदेय और कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
नगर परिषद से वार्ता रही बेनतीजा
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर परिषद प्रशासन और हड़ताली सफाई कर्मियों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी. वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया.
