लालू यादव ने BPSC अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को बताया गलत, जानें छात्रों को अब तक किन-किन नेताओं का मिला समर्थन

Lalu Yadav On Lathi Charge On BPSC Candidates: बीपीएससी अभ्यर्थियों पर बुधवार को पटना में हुए लाठीचार्ज को बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव ने गलत बताया है. आइये जानते हैं बिहार के किन-किन बड़े नेताओं ने अभ्यर्थियों का समर्थन किया है.

Lalu Yadav On Lathi Charge On BPSC Candidates: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर बयानबाजी शुरू हो गयी है. विपक्षी दल के नेता इसे लेकर सरकार को घेरने में जुटे हैं. इस बीच, राजद के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताया है. पत्रकारों ने गुरुवार को जब बीपीएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजद अध्यक्ष लालू यादव से सवाल किया तब उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं करना चाहिए. गलत बात है.

बुधवार को हुआ था लाठीचार्ज

बीपीएससी की 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थी बीपीएससी कार्यालय घेराव करने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उनके ऊपर बल प्रयोग किया. लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी बुरी तरह से घायल हो गए थे. कईयों को गंभीर चोट आई है. छात्रों की मांग थी कि परीक्षा को लेकर जो समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, उनका समाधान किया जाए. छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा.

बुधवार को अभ्यर्थियों पर हुआ लाठीचार्ज

पप्पू, तेजस्वी समेत इन नेताओं का मिला समर्थन

धरना पर बैठे छात्रों को विपक्षी दलों के नेताओं का फुल सपोर्ट मिल रहा है. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार से छात्रों की मांग मानने का अनुरोध किया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की मांग नहीं मानी गयी तो एक जनवरी को बिहार बंद किया जाएगा.

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखकर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और पुनर्परीक्षा कराने की मांग की. तेजस्वी ने अपने पत्र में लिखा कि 13 दिसंबर को आयोजित बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में कदाचार के उजागर होने पर पटना स्थित बापू परीक्षा केंद्र में आयोजित परीक्षा को रद्द कर सिर्फ उस केंद्र की पुनर्परीक्षा आयोजित कराना, सरकारी नियुक्ति प्रक्रियाओं में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश भर है.हमारी मांग है कि बीपीएससी पीटी पुनर्परीक्षा एक दिन, एक शिफ्ट, एक पेपर एवं एक पैटर्न में बिना पेपर लीक के संपन्न कराई जाए. उम्मीद है कि अभ्यर्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।

जन सुराज के नेता मनोज भारती भी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों के समर्थन में पहुंचे. छात्रों से मिलने के बाद मनोज भारती ने कहा कि हम जानते हैं कि जो छात्रों के साथ हो रहा है वो बहुत बड़ी ज्यादती है. हमारे युवा वर्ग के साथ खिलवाड़ करना और परीक्षा को पारदर्शी नहीं बनाना ये बहुत बड़ी नाइंसाफी है.

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने धरने पर बैठे छात्रों के समर्थन में कहा कि सरकार को हर हाल में बात माननी होगी. छात्रों की मांग जायज है. सरकार को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: पप्पू यादव ने आयोग को दी चेतावनी, बोले- बीपीएससी परीक्षा रद्द नहीं हुई तो 1 जनवरी को बिहार बंद

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >