सम्राट चौधरी, संजय सरावगी की मौजूदगी में नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी, बीजेपी ज्वाइन करने की खबरों पर क्या बोले?

Bihar Politics: भोजपुरी गायक और अभिनेता खेसारी लाल यादव की बीजेपी नेता नितिन नवीन से मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी ने अटकलों को और बढ़ाया. आइये जानते हैं खेसारी ने इस मामले पर क्या कहा?

नितिन नवीन के आवास पर खेसारी लाल यादव और बिहार सीएम सम्राट चौधरी

Bihar Politics: भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव शनिवार शाम पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर मिलने पहुंचे. इस दौरान उस आवास पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी और बिहार बीजेपी चीफ संजय सरावगी भी मौजूद थे. इस मुलाकात के बाद खेसारी लाल बीजेपी ज्वाइन करेंगे ऐसी खबरें चलने लगी थी. खेसारी लाल यादव राजद से बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में चुनाव भी लड़ चुके हैं.

मुलाकात के बाद क्या बोले खेसारी

नितिन नवीन से मिलने के बाद खेसारी लाल यादव ने खुद ही सारी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की. मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि वह राजद के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ नितिन नवीन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे थे.

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बीजेपी की छोटी कुमारी से चुनाव हार गए थे खेसारी

भोजपुरी इंडस्ट्री में अपने अभिनय और गायन से धाक जमा चुके खेसारी लाल यादव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी की छोटी कुमारी से 7600 वोटों से हार गए थे. खेसारी लाल यादव को 79245 वोट और भाजपा की छोटी कुमारी को 86845 वोट मिले. खेसारी लाल यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान पवन सिंह और रवि किशन पर जमकर हमला बोला था. प्रचार के दौरान भारी संख्या में लोग जुट रहे थे. एक वक्त ऐसा लग रहा था कि वो लालटेन छाप को जीत दिला देंगे. लेकिन, जब परिणाम आया तो वो बीजेपी की उम्मीदवार से पीछे रह गए.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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