बापू टावर में विश्व नृत्य दिवस पर पहली बार होगा कथक मैराथन

भारतीय शास्त्रीय कला के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित संस्था निनाद इस वर्ष विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर बिहार में पहली बार कथक मैराथन का आयोजन करने जा रही है. यह आयोजन 29 अप्रैल 2025 को शाम 5 बजे से बापू टावर, पटना में होगा.

By MANISH LIFE | April 29, 2025 12:48 AM

संवाददाता,पटना

भारतीय शास्त्रीय कला के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित संस्था निनाद इस वर्ष विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर बिहार में पहली बार कथक मैराथन का आयोजन करने जा रही है. यह आयोजन 29 अप्रैल 2025 को शाम 5 बजे से बापू टावर, पटना में होगा. यह बापू टॉवर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ””””बैठकी”””” श्रृंखला का विशेष संस्करण है. निनाद पिछले दो दशकों से विश्व नृत्य दिवस का आयोजन कर रही है, जिसमें नृत्य की विभिन्न शैलियों, कला रूपों और कलाकारों के बीच निरंतर संवाद को प्रोत्साहित किया जाता है. बैठकी का यह संस्करण पूरी तरह से कथक को समर्पित रहेगा. कथक मैराथन के इस आयोजन में राज्य और देशभर से 11 प्रतिष्ठित कथक कलाकार एक के बाद एक अपनी प्रस्तुतियां देंगे. यह अवसर कथक की विविध शैलियों और रचनात्मकता का अद्वितीय संगम होगा, जो बिहार में कथक के विकास के लिए आवश्यक है. इस कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण होंगी विदुषी शाश्वती सेन जिनकी कथक जगत में महत्वपूर्ण और अमूल्य भूमिका रही है. वह पं. बिरजू महाराज की प्रमुख शिष्या और लखनऊ घराने की प्रतिष्ठित कलाकार हैं. उनकी उपस्थिति इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी.इस आयोजन में प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं गुरु, और निनाद की सचिव नीलम चौधरी भी अपनी प्रस्तुति देंगी. साथ ही, सुब्रत पंडित, रश्मि चौधरी, नंदिनी चक्रवर्ती, संदीप सरकार, शाहिद वारसी, विकास बक्शी, राहुल कुमार, सलोनी मलिक, और शिवम अपनी प्रस्तुतियां देंगे.यह आयोजन दर्शकों के लिए न केवल आकर्षक होगा, बल्कि कथक की विविधता और समृद्धि को एक नई दिशा देगा। कथक के विभिन्न रूपों और शैलियों का संगम दर्शकों को एक अद्वितीय और रोचक अनुभव प्रदान करेगा.

बैठकी निनाद की एक महत्वपूर्ण श्रृंखला है, जिसकी शुरुआत 2018 में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। इस श्रृंखला में कथक, सिनेमा और कला जैसे विविध विषयों पर प्रस्तुतियां और संवाद होते रहे हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान यह श्रृंखला कुछ समय के लिए स्थगित रही, लेकिन अब बैठकी एक मासिक आयोजन के रूप में 25 जनवरी, 2025 से पुनः प्रारंभ हुई है. यह मंच शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए संवाद, सहयोग और सृजन का एक अवसर प्रदान करेगा.

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